फतेहाबाद। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले में आरोपी शुभम को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष कारावास और 1.5 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग ने अपने फैसले में कहा कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए समाज को कड़ा संदेश देने वाली सजा आवश्यक है।
अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माने की राशि में से एक लाख रुपये पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिए जाएं, जबकि 50 हजार सरकारी कोष में जमा होंगे। अदालत ने शुभम को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 साल कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना, धारा 363 आईपीसी के तहत 7 साल कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 366 आईपीसी में 10 साल कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना सुनाया है।
सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी, जिससे उसे वास्तविक रूप से 20 साल जेल में रहना होगा। यह फैसला पुलिस की प्रभावी जांच और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी का नतीजा है। जिला न्यायवादी देवेंद्र मित्तल के मार्गदर्शन और तत्कालीन उप-जिला न्यायवादी ओमप्रकाश बिश्नोई की अहम भूमिका रही।
उल्लेखनीय है कि इस मामले में शामिल सह-आरोपी सुखविंद्र सिंह को मार्च 2023 में ही 20 साल कैद और 64 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई जा चुकी है।
मामला 23 जून 2021 का है, जब एक नाबालिग अपने घर से लापता हो गई थी। जांच के दौरान पीड़िता ने बताया कि शुभम उसे बहला-फुसलाकर अमृतसर ले गया और वहां उसने व सुखविंद्र ने होटल में उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया।
