करनाल, 16 अगस्त। उपायुक्त उत्तम सिंह ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा द्वारा वर्ष 2025-26 के दौरान फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत कृषि यंत्रों जैसे सुपर एसएमएस, बेलिंग मशीन, हैप्पी सीडर, रोटरी स्लेशर /श्रबमास्टर, पैडी स्ट्रॉ चोपर/ मल्चर, हाइड्रोलिक रिवर्सिबल एम0 बी0 प्लो, जीरो टिल ड्रिल, सुपर सीडर, सरफेस सीडर, ट्रेक्टर चालित/ स्वचालित क्रॉप रीपर / रीपर कम बाईंडर, लोडर व टेडर मशीन पर अनुदान देने के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किये गए हैं।
उप कृषि निदेशक डॉ वजीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि  योजना के तहत व्यक्तिगत श्रेणी में 50 प्रतिशत या कृषि विभाग द्वारा अनुमोदित अनुदान राशि (दोनों में से जो भी कम हो) दी जायेगी। योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान विभाग के पोर्टल  www.agriharyana.gov.in  पर 20 अगस्त 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए किसान का ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर रबी 2025 और  खरीफ 2024 का पंजीकरण होना अनिवार्य है। किसान के नाम हरियाणा में रजिस्टर्ड ट्रैक्टर की वैध आर.सी (केवल ट्रैक्टर चालित कृषि यंत्र के लिए), परिवार पहचान पत्र, पैन कार्ड, आधार कार्ड, स्व-घोषणा पत्र एवं बैंक खाता की आवश्यकता होगी। उन्होंने बताया कि एक फैमिली आई0 डी0 में केवल एक सदस्य ही आवेदन कर सकता है। अनुसूचित जाति के किसान के लिए जाति प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त एक किसान विभिन्न प्रकार के अधिकतम 4 कृषि यंत्रों पर आवेदन कर सकता है। हालांकि अनुदान केवल एक मशीन पर ही दिया जाएगा। जिन किसानों ने पिछले तीन वर्षों में जिन कृषि यंत्रों पर अनुदान लिया है वे इस स्कीम में उस यंत्र पर आवेदन करने के लिए पात्र नहीं होंगे।
सहायक कृषि अभियन्ता कुलबीर सिंह ने बताया कि इस स्कीम के तहत अनुदान देने के लिए सारी प्रक्रिया का संचालन उपायुक्त उत्तम सिंह की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कार्यकारी कमेटी द्वारा किया जाएगा। योजना के तहत यदि लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं तो लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन ड्रॉ के माध्यम से किसानों के समक्ष किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए उप निदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग तथा सहायक कृषि अभियन्ता, करनाल के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।

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