केयू कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
केयू में चलाया गया स्वच्छता अभियान
कुरुक्षेत्र, 12 अगस्त।
 तिरंगा यात्रा केवल एक आयोजन नहीं बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण, गर्व और एकता का प्रतीक है। तिरंगा यात्रा देश के प्रति अटूट प्रेम और सम्मान को प्रदर्शित करने का सशक्त माध्यम है, जो देश के युवाओं और जन-जन में  देशभक्ति का जोश और उत्साह भर रही है। यह उद्गार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर में हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत कुलपति कार्यालय से विद्यार्थियों द्वारा निकाली गई तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए व्यक्त किए। इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं गैर-शिक्षक कर्मचारियों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम में सहयोग करने की शपथ दिलाई। इसके साथ किसी भी प्रयोजन के लिए किसी भी प्रकार से हानिकारक अथवा अवैध पदार्थों का सेवन नहीं करने का भी संकल्प दिलाया। इस अवसर पर सभी ने नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवन-यापन करने की प्रतिज्ञा भी ली।
कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि हम  प्रत्येक व्यक्ति विशेषतः युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों के संबंध में जागरूकता पैदा करेंगे ताकि भारत का युवा वर्ग नशामुक्त जीवन-यापन कर सके और वे समाज के रचनात्मक एवं महत्वपूर्ण सदस्य बन सके।
तिरंगा यात्रा कुलपति कार्यालय के प्रांगण से भारत माता की जय, वंदे मातरम जैसे नारों के साथ  आरंभ हुई और विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों, शाखाओं, संस्थानों, पुस्तकालय, आईआईएचएस, डीन बिलिं्डग व अन्य कई स्थानों से होकर निकली जिसमें विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, स्वयंसेवकों, विद्यार्थियों व कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत देशभर में तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं, जिनका उद्देश्य देशभक्ति की भावना को मजबूत करना और नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान व गर्व की भावना से जोड़ना है। सभी लोग इन यात्राओं में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। रैली के पश्चात विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, स्वयं सेवकों, एनसीसी कैडेट्स, शिक्षकों, अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा  विश्वविद्यालय पुस्तकालय के पीछे स्थित रोज़ गार्डन में स्वच्छता अभियान चलाया गया जिसमें सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. दिनेश कुमार, डीन ऑफ कॉलेजिज प्रो. ब्रजेश साहनी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी, प्रो. सुशीला चौहान, प्रो. कुसुम लता, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया, प्रॉक्टर प्रो. अनिल गुप्ता, प्रो. महाबीर रंगा, मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. आनन्द कुमार, डॉ. नरेश सागवाल, डॉ. रमेश सिरोही, कुलपति के ओएसडी पवन रोहिल्ला, विनोद वर्मा सहित शिक्षक, कर्मचारी व विद्यार्थी मौजूद रहे।

केयू दूरस्थ एवं ऑनलाईन शिक्षा केंद्र में दाखिले की अंतिम तारीख 25 अगस्त व 10 सितम्बर
कुरुक्षेत्र, 12 अगस्त।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केन्द्र में जुलाई 2025 सत्र में 39 ऑफ लाईन प्रोग्राम्स व 20 ऑनलाईन प्रोग्राम्स में पी.जी., यू.जी., ड़िप्लोमा, सर्टिफिकेट कोर्सो में एक जुलाई से दाखिले शुरू हो चुके हैं।
इस विषय में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने बताया कि केंद्र द्वारा चलाये गए ओपन डिसटेंस लर्निंग प्रोग्राम्स व ऑनलाईन प्रोग्राम्स के प्रति विद्यार्थियों की संख्या हर वर्ष बढ़ती जा रही है। जो अभ्यर्थी नौकरी व अन्य व्यवसाय में है या किसी कारणवश नियमित रूप से इन प्रोग्राम्ॅस में दाखिला नहीं ले पाये उन सभी के लिये यह एक सुनहरा मौका है कि वे सभी विश्वविद्यालय के इस केंद्र के माध्यम से इन प्रोग्राम्स में अपनी पढ़ाई पूर्ण कर सकते हैं ।
केन्द्र की निदेशक प्रो. मंजूला चौधरी ने बताया कि केन्द्र द्वारा कुछ नए प्रोग्राम्स जुलाई सत्र से लागू किये गये हैं । बी.एड़, एम.बी.ए. व एम.सी.ए. प्रोग्राम्स में दाखिला लेने के लिए ऑनलाइन फार्म भरने की अंतिम तारीख 25 अगस्त निर्धारित की गई जबकि बाकी सभी प्रोग्राम्स की अंतिम तारीख 10 सितम्बर निर्धारित है। ।केंद्र ड्यूल डिग्री प्रोग्राम्स की अनुमति देता है।  सभी जानकारी केंद्र के प्रोस्पेक्टस 2025 में दी गई है जो कि केंद्र की वेबसाइट डीडीडीईकेयूके व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट केयूकेडाटएसीडाटइन  पर उपलब्ध है ।
उन्होंने बताया कि आनलाईन फार्म भरते समय विद्यार्थी अपना मोबाईल नम्बर व ईमेल ठीक से भरें ताकि उनकी उचित आई.डी बनाई जा सके जिससे विद्यार्थियों को सारी सूचना उनके डैशबोर्ड पर उपलब्ध करवाई जा सके। प्रोफेसर मंजुला ने आगे बताया कि केंद्र सभी प्रोग्राम्स के पर्सनल कांटेक्ट प्रोग्राम्स भी लगाता है तथा सभी प्रोग्राम्स की अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध करवाता है । केंद्र इन प्रोग्राम्स के हर वर्ष  दो बार जनवरी व जुलाई में दाखिले करवाता है।  केंद्र ने जुलाई सत्र से कुरुक्षेत्र, पंचकुला, अंबाला, यमुनानगर, कैथल, करनाल, पानीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, रेवाड़ी में केन्द्र के विद्यार्थियों की सुविधा के लिये अध्ययन केन्द्र बनाए हैं । उन्होंने बताया कि केंद्र के सभी प्रोग्राम्स दूरस्थ शिक्षा ब्यूरो, यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन, नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त हैं । केंद्र अन्य सुविधाओं के इलावा दूरस्थ विद्यार्थियों को पीसीपी के दौरान होस्टल सुविधाएं विश्वविद्यालय परिसर में उपलब्ध करवाता है।

केयू के जवाहर लाल नेहरू पुस्तकालय में डॉ. एस. आर. रंगानाथन की 133वीं जयंती मनाई गई
कुरुक्षेत्र, 12 अगस्त।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में जवाहर लाल नेहरू पुस्तकालय में मंगलवार को भारतीय पुस्तकालय के जनक पद्मश्री डॉ. एस. आर. रंगानाथन की 133वीं जयंती में मनाई गई । इस अवसर पर पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ चेतन शर्मा एवं अन्य पुस्तकालय कर्मचारियों ने डॉ. एस. आर. रंगानाथन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किए।
डॉ चेतन शर्मा, पुस्तकालयाध्यक्ष ने कहा कि डॉ. एस. आर. रंगानाथन का जन्म 12 अगस्त 1892 को तमिलनाडु के तंजावूर के सियाली गांव में हुआ था । इन्होंने अपना व्यावसायिक जीवन गणितज्ञ के रूप में शुरू किया । इन्होंने कला स्नातक और गणित विषय में स्नातकोत्तर की डिग्री मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से हासिल की । डॉ. एस आर रंगानाथन ने अपने जीवन में पुस्तकालय विज्ञान विषय पर 2000 से ज्यादा शोध-पत्र एवं 60 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया। उन्होंने पुस्तकालय विज्ञान को भारत में एक सम्पूर्ण विषय के तौर पर स्थापित किया । इनके द्वारा मुख्य तौर पर लिखित पुस्तकेंः पुस्तकालय विज्ञान के पांच सिद्धांत (1931), कोलन क्लासिफिकेशन सिस्टम (द्विबिन्दू वर्गीकरण प्रणाली) (1933) तथा पुस्तकालय वर्गीकरण की प्रस्तावना (1937) प्रकाशित हुई।
भारत सरकार द्वारा डॉ एस आर रंगानाथन को पुस्तकालय विज्ञान में बहुमूल्य योगदान के लिए पद्मश्री पदक से सुशोभित किया। भारत में प्रत्येक वर्ष डॉ. एस आर रंगानाथन जी का जन्मदिन पुस्तकालय दिवस के रूप में मनाया जाता है।

केयू के विधि विभाग में राष्ट्रीय एंटी रैगिंग दिवस/सप्ताह का शुभारंभ
कुरुक्षेत्र, 12 अगस्त।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में विधि विभाग द्वारा 12 अगस्त से 18 अगस्त 2025 तक राष्ट्रीय एंटी रैगिंग दिवस/सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केयू प्रॉक्टर प्रो. (डॉ.) अनिल गुप्ता, ने रैगिंग जैसी सामाजिक बुराई के विरुद्ध विद्यार्थियों को सतर्क रहने और इसके उन्मूलन हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर विधि विभाग के विद्यार्थियों ने रैगिंग मुक्त भारत विषय पर प्रेरणादायक कविताओं का सृजनात्मक प्रस्तुतीकरण किया, जिसे उपस्थित श्रोताओं ने सराहा।
कार्यक्रम में विधि संकाय की अधिष्ठात्री एवं अध्यक्षा प्रो. प्रीति जैन ने बताया कि विभाग द्वारा पूरे सप्ताह विभिन्न जागरूकता गतिविधियाँ जैसे पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता, निबंध लेखन, स्लोगन प्रतियोगिता आदि का आयोजन किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों में रैगिंग के प्रति संवेदनशीलता और सजगता को प्रोत्साहित किया जा सके।
कार्यक्रम में प्रो. प्रीति जैन, प्रो. अमित लुदरी, प्रो. सुशीला देवी चौहान, प्रो. अजीत चहल, प्रो. महावीर, डॉ. दीप्ति चौधरी, डॉ. प्रमिला, डॉ. प्रियंका चौधरी, डॉ. अंजू बाला, डॉ. आरुषि मित्तल, डॉ. पूजा, डॉ. प्रीत भारद्वाज, डॉ. उर्मिला सहित अन्य प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

सामाजिक सद्भाव और आत्मनिर्भरता सशक्त भारत की नींवः प्रो. ए.आर.चौधरी
कुरुक्षेत्र, 12 अगस्त।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की एनएसएस इकाई-3 यूटीडी एवं यूथ सोशलग्राम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. ए.आर. चौधरी ने कहा कि युवा राष्ट्र की शक्ति है। सामाजिक सद्भाव और आत्मनिर्भरता एक सशक्त भारत की नींव हैं। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक सोच, सहभागिता और नवाचार के माध्यम से देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता के रूप में यूथ सोशलग्राम फाउंडेशन के निदेशक अमित शर्मा ने युवाओं को यह संदेश दिया कि आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक पहलू तक सीमित नहीं, बल्कि विचारों और कार्यों में स्वतंत्रता से भी जुड़ी है।
कार्यक्रम का सफल संचालन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. निधि माथुर ने किया। उन्होंने बताया कि एनएसएस गतिविधियां विद्यार्थियों में सेवा, सद्भाव और नेतृत्व क्षमता का विकास करती हैं। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अनेक छात्र छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

डॉ. रंगनाथन का पूरा जीवन भारत के पुस्तकालय व्यवसाय को समर्पित: प्रो. संजीव शर्मा
कुरुक्षेत्र, 12 अगस्त।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग में विभागध्यक्ष प्रो. संजीव शर्मा सहित शिक्षकों व विद्यार्थियों ने भारत में पुस्तकालय विज्ञान के जनक डॉ. एसआर रंगनाथन के चित्र पर पारंपरिक दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि अर्पित कर पुस्तकालय दिवस मनाया।
इस अवसर पर विभाग के अध्यक्ष प्रो. संजीव शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय पुस्तकालय अध्यक्ष दिवस हर साल 12 अगस्त को पद्मश्री डॉ. एसआर रंगनाथन (1892-1972) की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है , जिन्हें भारत में पुस्तकालय विज्ञान का जनक माना जाता है। डॉ. रंगनाथन ने अपना पूरा जीवन भारत में पुस्तकालय व्यवसाय को समर्पित कर दिया और एक समृद्ध विरासत छोड़ गए। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा के अनुसार उन्होंने पुस्तकालयों का विकास किया। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे डॉ. रंगनाथन के आदर्शों को जीवन में धारण कर पूरी मेहनत करे और उनका अनुसरण करते हुए ज्ञान का प्रचार करें। इस अवसर पर प्रो. मनोज जोशी, डॉ. अंजलि अग्रवाल सहित विभाग के शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद थे।

केयू में बैंक पी.ओ. के लिए 10 दिवसीय विशेष कोचिंग कार्यक्रम 25 अगस्त से
कुरुक्षेत्र, 12 अगस्त।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में महात्मा गांधी ऑल इंडिया सर्विसेज कोचिंग संस्थान द्वारा बैंक पी.ओ. (प्रारंभिक) परीक्षा की तैयारी हेतु दस दिवसीय विशेष कोचिंग कार्यक्रम का आयोजन 25 अगस्त से 05 सितम्बर 2025 तक दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक (शनिवार, रविवार एवं राजपत्रित अवकाश को छोड़कर) किया जा रहा है। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के छात्रों एवं कार्यरत युवाओं के लिए तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य आईबीपीएस एवं भारतीय स्टेट बैंक द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की बैंकिंग परीक्षाओं में सफलता दर को बढ़ाना है। इस कोचिंग में प्रशिक्षण महेन्द्र एजुकेशनल प्राइवेट लिमिटेड, कुरुक्षेत्र के विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा प्रदान किया जाएगा, जो अंग्रेज़ी भाषा, संख्यात्मक क्षमता तथा तर्कशक्ति पर आधारित पाठ्यक्रम का मार्गदर्शन करेंगे।
केन्द्र के निदेशक प्रो. जोगिन्द्र सिंह ने बताया कि  50 सीटों पर मेरिट के आधार पर प्रवेश होगा और चयन प्रक्रिया ऑफलाइन मॉक टेस्ट द्वारा 22 अगस्त को महात्मा गांधी ऑल इंडिया सर्विसेज (डळ।प्ै) कोचिंग संस्थान में दोपहर 2 से 3 बजे तक होगी। उन्होंने  बताया कि आवेदन पत्र संस्थान कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं, या विश्वविद्यालय की वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 22 अगस्त 2025, दोपहर 1 बजे तक है। इस संबंध में अधिक जानकारी महात्मा गांधी ए.आई.एस. कोचिंग संस्थान से प्राप्त की जा सकती है।

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