पानीपत। मानसून का आधा सफर पूरा हो चुका है। जून से सितंबर तक मानसून की अवधि मानी जाती है। बीते दो महीने में प्रदेश में 221 एमएम के मुकाबले 274 एमएम वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 24 प्रतिशत अधिक है। जून व जुलाई में अच्छी वर्षा हुई। अब अगस्त व सितंबर में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। इस समय प्रदेशभर में मानसून सक्रिय है।

रविवार को प्रदेश के अधिकतर भागों में बूंदाबांदी से लेकर तेज वर्षा दर्ज की। देर शाम पानीपत व यमुनानगर में भी तेज वर्षा हुई। रविवार को हरियाणा में औसत वर्षा 4.8 एमएम दर्ज की है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तेज वर्षा का अलर्ट जारी किया है। छह अगस्त को बादल छंट सकते हैं, वर्षा कमजोर पड़ जाएगी।

गुरुग्राम में ड्रेनेज सिस्टम फेल, कई इलाकों में जलभराव

साइबर सिटी का ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल हो चुका है। यहां 40 एमएम वर्षा में भी कई इलाके और सड़कें घंटों तक तालाब बने रहते हैं। शनिवार आधी रात हुई तेज वर्षा के बाद गुरुग्राम के कई इलाकों में एक बार फिर जलभराव हो गया।

शहर में 12 घंटे बाद रविवार दोपहर को भी पानी भरा रहने से वाहन चालकों और अन्य लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि, रविवार साप्ताहिक छुट्टी होने से शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम रहा।

प्रदेश में नौ से दोबारा मानसून होगा सक्रिय

रविवार को दिनभर बादलों की लुकाछिपी चलती रही। मौसम विज्ञानी चंद्र मोहन ने बताया कि पांच अगस्त तक पूरे प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा के आसार हैं। मानसूनी हवाएं अब अंबाला क्षेत्र की ओर बढ़ रही है। जिससे इन दिनों हिसार, सिरसा, फतेहाबाद में दो दिन तक वर्षा से राहत रहेगी। नौ अगस्त तक प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा की संभावना है।
इसके बाद 9 अगस्त से बंगाल की खाड़ी से दोबारा मानसून प्रदेश की तरफ बढ़ेगा। इस दौरान हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली में लगातार मौसम गतिशील और परिवर्तनशील बना रहेगा। प्रदेश में 15 दिनों से अधिकतर जिलों में अच्छी वर्षा हो रही है। सिर्फ पंचकूला, यमुनानगर, कुरूक्षेत्र जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई है। अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में बाजरे की फसल को फायदा होगा।

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