नई दिल्ली। बिहार की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी करने के साथ ही चुनाव आयोग ने शुक्रवार को यह साफ किया है कि ड्राफ्ट सूची से बगैर कारण बताए या सुनवाई के अब कोई भी नाम नहीं हटाए जाएंगे।

चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों से किया यह अनुरोध

वहीं राजनीतिक दलों से भी अनुरोध किया है कि कोई भी नाम ड्राफ्ट सूची में गलती से छूट गया है या जुड़ गया है तो उसकी अपील मतदाता पंजीयक अधिकारी ( ईआरओ) या सहायक मतदाता पंजीयक अधिकारी( एईआरओ) से तुरंत करें।

यदि उसके फैसले से संतुष्ट नहीं है तो इसकी अपील तुरंत ही जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) और राज्य निर्वाचन अधिकारी ( सीईओ) से करें।

एक सितंबर तक भी इसके लिए आवेदन कर सकते है

आयोग ने इसके साथ ही राजनीतिक दलों और मतदाताओं से कहा है कि उन्हें इसके लिए विशेष सघन पुनरीक्षण में एक महीने का समय दिया गया है। जो एक सितंबर तक भी इसके लिए आवेदन कर सकते है।

आयोग ने यह पहल तब की है, जब मतदाता सूची से करीब 65 लाख लोगों को बाहर कर दिया गया है। इनमें मृत, स्थाई रूप से स्थानांतरित और जिनके नाम दो जगहों से दर्ज है, ऐसे नाम शामिल है।

आयोग ने इसके साथ ही उन मतदाताओं से भी मतदाता सूची में अपने नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करने को कहा है, जिसकी उम्र एक जुलाई और एक अक्टूबर को 18 साल पूरी हो रही है।

वा मतदाताओं से फार्म-6 भरकर आवेदन करने को कहा

आयोग ने इन युवा मतदाताओं से फार्म-6 भरकर आवेदन करने को कहा है। बिहार में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआइआर) का काम 25 जुलाई को शुरू हुआ था।

7.24 लाख मतदाताओं ने अपने गणना फार्म भरकर जमा कराए

आयोग के मुताबिक बिहार में एसआइआर के दौरान करीब 7.24 लाख मतदाताओं ने अपने गणना फार्म भरकर जमा कराए है। इस अभियान में करीब 90 हजार बूथ लेवल ऑफिसर व 12 राजनीतिक दलों से जुड़े 1.60 लाख बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) शामिल थे।

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