करनाल 1 अगस्त। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के दिशा-निर्देशन में देशभर में चल रहे ‘नेशन के लिए सुलह अभियान’ ने जिला करनाल में न्यायिक सुधारों की एक नई मिसाल कायम की है। इस अभियान का उद्देश्य अदालतों में वर्षों से लंबित मामलों का मध्यस्थता (मिडिएशन) के माध्यम से त्वरित, नि:शुल्क और सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है।
इसी कड़ी में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव डॉ. इरम हसन ने एक विशेष पहल करते हुए जिले के सभी सरकारी विभागों के प्रमुखों एवं बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को औपचारिक पत्र जारी किए हैं, जिनमें उनसे आग्रह किया गया है कि वे विभागों से संबंधित ऐसे मामलों की पहचान करें जिनमें आपसी सहमति से समाधान संभव हो। इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर मिडिएशन सेंटर में भेजा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, आम जनता को भी अभियान से जोड़ा गया है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने व्यक्तिगत, पारिवारिक, संपत्ति, या लेन-देन से जुड़े लंबित विवादों को मध्यस्थता के माध्यम से निपटाने के लिए पहल करें और संबंधित न्यायिक अधिकारी से केस मिडिएशन में भेजने का निवेदन करें।
डॉ. इरम हसन ने कहा कि यह अभियान केवल मामलों का निपटान नहीं, बल्कि सामाजिक संबंधों की मरम्मत और पुन: विश्वास निर्माण की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है। हम चाहते हैं कि हर व्यक्ति न्याय तक बिना डर और बिना भेदभाव के सरलता से पहुंचे। इस प्रयास ने न्यायिक प्रणाली को केवल कागजों की कार्यवाही तक सीमित न रखते हुए जनहित से जोडऩे का कार्य किया है, जिससे अदालतों पर दबाव भी घटा है और जनता को राहत भी मिली है।

मध्यस्थता प्रक्रिया की विशेषताएं
सीजेएम डॉ इरम हसन ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क है किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जाती, गोपनीयता सुनिश्चित रहती है कोई सार्वजनिक कार्यवाही नहीं होती, निर्णय दोनों पक्षों की आपसी सहमति से होता है, कोई हार-जीत नहीं, सिर्फ समाधान, न्याय में देरी नहीं, बल्कि कुछ ही बैठकों में स्थायी समझौता। अभियान की प्रभावशीलता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक सैकड़ों नागरिकों ने इस व्यवस्था का लाभ उठाकर वर्षों पुराने मामलों का सौहार्दपूर्ण निपटारा किया है, जिनमें पारिवारिक विवाद, संपत्ति विवाद, घरेलू हिंसा, सेवा विवाद, और चेक बाउंस जैसे कई गंभीर मामले शामिल हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *