भिवानी। शहर की सड़कों के डिवाइडर पर लगी स्ट्रीट लाइटों के पोल में खुले पड़े तार हादसों का सबब बन रहे हैं। सोमवार शाम को बावड़ी गेट पर जिस पोल के करंट के कारण रवि की मौत हुई है, उसकी चपेट में बिजली निगम का एक कर्मचारी, एक राहगीर और एक कुत्ता भी आ चुका था।
हालांकि, इन तीनों का बचाव हो गया, लेकिन रवि ने 14 सेकेंड में दम तोड़ दिया। अब इस घटना के लिए बिजली निगम और नगर परिषद में से जिम्मेदार कौन है, यह हर नागरिक का सवाल है। रवि की मां ने बताया कि रवि की पत्नी की करीब दो साल पहले मौत हुई थी।
अब अचानक से रवि की मौत होने के कारण बच्ची के सिर में माता-पिता का हाथ उठा गया है। प्रशासन की लापरवाही के कारण रवि की मौत हुई है। अस्पताल पहुंचे रवि के स्वजन और आस-पास के लोगों ने बताया कि बिजली निगम का एक कर्मचारी स्ट्रीट पोल पर प्लास्टिक की सीट लगा रहा था। जोकि संकेतक का काम करता है।
जब वह इस पोल के पास आया तो आस-पास के लोगों ने बताया कि इसमें करंट है और बिजली सेवा बंद करके इसे ठीक कर दो। फिर कर्मचारी ने करंट चेक किया और करंट मिलने पर इसे बिना ठीक किए मौके से चला गया। स्वजन ने कहा कि अगर बिजली पोल ठीक कर देते तो रवि जिंदा होता।
बहादुरगढ़ में करंट से 14 वर्षीय किशोर की मौत बचाने दौड़ी बहन को लगा झटका बहादुरगढ़: सेक्टर-13 में निर्माणाधीन मकान में किशोर की बिजली करंट से मौत हो गई। उसको बचाने दौड़ी उसकी बहन को भी झटका लगा। मगर वह बच गई।
पुलिस ने घटना को संयोग मानकर रिपोर्ट दर्ज की है। पोस्टमार्टम के बाद स्वजनों को शव सौंप दिया गया। मृतक की पहचान 14 वर्षीय सिंटू के रूप में हुई है। सिंटू बिहार के खगड़िया जिले के सिर्जुआ का रहने वाला था। 10 दिन पहले ही गांव से बहादुरगढ़ में अपने परिवार के पास आया था।
