-60 विद्यार्थियों की टीमों ने स्कूलों में दी दस्तक, 1500 से अधिक लोगों की हुई स्क्रीनिंग

कुरुक्षेत्र।  श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय ने ‘टीबी मुक्त भारत’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को धरातल पर साकार करने की दिशा में बड़ी पहल की है। विश्वविद्यालय के आयुर्वेद चिकित्सकों और छात्रों की टीमों ने अभियान की कमान संभालते हुए “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना शुरू कर दिया है।
इसी कड़ी में मंगलवार को शुरू हुए अभियान में विश्वविद्यालय के यूजी व पीजी कोर्स के 60 विद्यार्थियों की टीमों ने आर्य पब्लिक स्कूल, डीएवी स्कूल सेक्टर-13, राजकीय कन्या विद्यालय थानेसर, राजकीय स्कूल सेक्टर-13 और कोर्ट कॉम्प्लेक्स समेत विभिन्न स्थानों पर 1500 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की। टीमों ने लोगों को क्षय रोग के लक्षण, जांच और इलाज की विस्तृत जानकारी दी, ताकि समय पर पहचान कर इलाज शुरू किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में घर-घर जाकर स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है, परंतु शहरी क्षेत्रों में संसाधनों और स्वास्थ्य कर्मियों की कमी एक बड़ी चुनौती बन गई थी। ऐसे में श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय की ओर से मिला सहयोग स्वास्थ्य विभाग के लिए अत्यंत सहायक साबित हो रहा है। यही नहीं,आयुष विवि के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने नक्षय मित्र बनते हुए 100 क्षय रोगियों को गोद लेने की मानवीय पहल की है। प्रो. धीमान मरीजों को उपचार अवधि तक पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाएंगे। यह कदम सेवा, संवेदनशीलता और समाज के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का परिचायक भी है।
टीबी नोडल अधिकारी डॉ. संदीप अग्रवाल ने कहा कि श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय का यह प्रयास टीबी उन्मूलन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है, जो अन्य संस्थानों को भी प्रेरणा देगा। विश्वविद्यालय की टीमें डॉ. सौरभ कौशल और डॉ. प्रदीप कुमार के नेतृत्व में कार्य करते हुए सराहनीय सेवाएं दे रही हैं। जहां टीबी के ज्यादा मामले मिलने की आशंका है, वहां स्पेशल मेडिकल मोबाइल वैन भेजी जा रही हैं और संदिग्ध मरीजों की तुरंत जांच की जा रही है। साथ ही, जो मरीज ठीक हो चुके हैं, उनके संपर्क में आए लोगों की भी स्क्रीनिंग की जा रही है। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि लगातार 15 दिन से खांसी, हल्का बुखार, वजन कम होना और भूख में कमी जैसे लक्षण टीबी के संकेत हो सकते हैं। इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय रहते जांच करवाएं।

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