तीज भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीकः प्रो. सोमनाथ सचदेवा

कुरुक्षेत्र, 27 जुलाई।  तीज भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है जो कि भारतीय त्यौहारों की संस्कृति एवं परम्पराओं को प्रदर्शित करता है। प्रत्येक वर्ष हिन्दू पंचांग के अनुसार हरियाली तीज का पर्व श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने इस पर्व का आध्यात्मिक, प्रकृति तथा महिला सशक्तिकरण की दृष्टि से विशेष महत्व है। यह उद्गार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने रविवार  को केयू धरोहर हरियाणा संग्रहालय द्वारा आयोजित हरियाली तीज उत्सव-2025 कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि व्यक्त किए।
इस अवसर पर कुवि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने तीज त्यौहार की विश्वविद्यालय परिवार को बधाई देते हुए कहा सावन के महीने में जब संपूर्ण धरा पर हरियाली की चादर बिछी रहती है तब सभी प्रकृति के इस मनोरम क्षण का आनंद लेने के लिए झूले झूलते हैं तथा लोक गीत व तीज के गीत गाकर उत्सव विशेष रूप से मनाते हैं। हरियाली तीज के दिन महिलाएं अपने पति की लम्बी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य तथा सफलता के लिए कामना करती हैं। तीज उत्सव  पर कुवि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा, कुवि कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल सहित सभी लोगों ने धरोहर परिसर में झूला झूलकर तीज त्यौहार मनाया व मिठाई वितरित की गई। कुवि कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल ने  सभी को बधाई देते हुए मंगल कामना की।
इस मौके पर कुवि कुलपति की धर्मपत्नी डॉ. ममता सचदेवा, कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल व उनकी धर्मपत्नी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. ए.आर.चौधरी, प्रो. जसबीर ढांडा, प्रो. विवेक चावला, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया, डॉ. मीनाक्षी सुहाग, डॉ. आनन्द कुमार, डॉ. जितेन्द्र खटकड़, डॉ. पूजा, धरोहर क्यूरेटर डॉ. कुलदीप आर्य, सहित अन्य लोग मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *