अम्बाला नगर निगम की ताजा आधिकारिक जनसँख्या 2.55 लाख
इसी 18 जुलाई 2025 की तारीख तक का आंकड़े
नगर निगम कानून अनुसार न्यूनतम 3 लाख की आबादी आवश्यक
1 जुलाई 2025 की तारीख के आधार पर निगम के अगले चुनाव हेतू होनी है वार्डबंदी
अम्बाला – ऐसा सुनने और पढ़ने में भले में आश्चर्यजनक प्रतीत हो परन्तु वास्तविक सत्य यही है कि अम्बाला (शहर) नगर निगम की ताज़ा आधिकारिक जनसँख्या हरियाणा नगर निगम कानून, 1994 के प्रावधानों अनुसार प्रदेश में किसी नगर निगम की मूल स्थापना एवं उसका कानूनी अस्तित्व कायम रखने के लिए न्यूनतम तीन लाख की जनंसख्या की आवश्यकता से करीब 45 हजार कम है.
शहर के सेक्टर 7 निवासी हाईकोर्ट एडवोकेट और म्युनिसिपल कानून जानकार हेमंत कुमार ( 9416887788) ने हरियाणा की सभी 87 शहरी निकायों की जनसँख्या, उनके अंतर्गत रजिस्टर्ड प्रॉपर्टीज (संपत्तियों) और उनके क्षेत्रफल के सम्बन्ध में ताज़ा जारी आधिकारिक आंकड़ों, जो 18 जुलाई 2025 तक अपडेटेड हैं, का विश्लेषण करके बताया कि अम्बाला (शहर) नगर निगम की मौजूदा जनसँख्या 2 लाख 55 हज़ार 276 जबकि
अम्बाला सदर (कैंट) नगर परिषद की आबादी उससे 12 हज़ार 845 अधिक अर्थात 2 लाख 68 हजार 121 है.
हालांकि रजिस्टर्ड प्रॉपर्टीज (संपत्तियों) के मामले में अम्बाला शहर न.नि. में 1 लाख 25 हजार 940 संपत्तियां है जबकि अम्बाला सदर (कैंट) में 1 लाख 13 हजार 599 है. इस प्रकार जनसँख्या कम होने बावजूद शहर न.नि. में सदर न.प. की बजाए 12 हज़ार 341 अधिक संपत्तियां हैं. शहर नगर निगम का क्षेत्रफल 67.56 वर्ग कि.मी जबकि सदर नगर परिषद का 56.27 वर्ग कि.मी है.
वहीं जिले के दो अन्य शहरी निकायों – बराडा नगर पालिका की आबादी 27 हज़ार 549 जबकि उसमें पड़ने वाली प्रॉपर्टीज की संख्या 21 हज़ार 289 है एवं क्षेत्रफल 13.89 वर्ग कि.मी है. नारायणगढ नगर पालिका की आबादी 27 हज़ार 272 एवं उसमें पड़ने वाली प्रॉपर्टीज की संख्या 21 हज़ार 62 है जबकि क्षेत्रफल 8.95 वर्ग कि.मी है.
उपरोक्त आंकड़ों की आधिकारिक प्रमाणिकता के बारे में हेमंत ने बताया कि जहाँ तक उपरोक्त दर्शाए गए जनसँख्या के आंकड़ों का विषय है, तो इस डेटा का स्त्रोत हरियाणा सरकार का नागरिक संसाधन सूचना विभाग (सिटीजन रिसोर्सेज इनफार्मेशन विभाग) है एवं यह आंकड़े 18 जुलाई 2025 तक अपडेटेड हैं. वहीं जहाँ तक उपरोक्त दर्शायी गई संपत्तियों के डेटा का विषय है, तो इस का स्त्रोत हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग का प्रॉपर्टी टैक्स पोर्टल है एवं यह आंकड़े भी 18 जुलाई 2025 तक के हैं. जहाँ तक क्षेत्रफल के आंकड़ों का मामला है, तो वह उक्त विभाग के जी.आई.एस. (भौगोलिक सूचना प्रणाली ) के अनुसार हैं.
वहीँ प्रदेश के दस अन्य नगर निगमों में फरीदाबाद नगर निगम की आबादी 19 लाख 99 हजार 655, गुरुग्राम नगर निगम की 11 लाख 1 हजार 45, पानीपत नगर निगम की 6 लाख 89 हजार 595, यमुनानगर नगर निगम की 5 लाख 44 हजार 95, रोहतक नगर निगम की 4 लाख 58 हजार 452, करनाल की 4 लाख 6 हज़ार 202, हिसार नगर निगम की 3 लाख 80 हजार 835, सोनीपत नगर निगम की 3 लाख 74 हज़ार 817, पंचकूला नगर निगम की 2 लाख 93 हज़ार 592 जबकि मानेसर नगर निगम की 1 लाख
59 हजार 675 है. इस प्रकार हरियाणा में मौजूदा स्थापित कुल 11 नगर निगमों में से अम्बाला सहित मानेसर और पंचकूला नगर निगमों की ताज़ा जनसँख्या ताज़ा आधिकारिक आंकड़ों अनुसार कानूनन आवश्यक सीमा न्यूनतम तीन लाख से कम है.
हेमंत ने बताया कि हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 के मौजूदा प्रावधानों ( धारा 3 की उपधारा 2 के परन्तुक) अनुसार प्रदेश में नगर निगम स्थापित करने हेतू उस सम्बंधित निगम क्षेत्र में न्यूनतम तीन लाख की जनसंख्या होना आवश्यक है. वर्ष 2002 से पहले हालांकि जनसँख्या कि यह सीमा न्यूनतम पांच लाख होती थी परन्तु तत्कालीन चौटाला सरकार ने उपरोक्त कानूनी धारा में हरियाणा विधानसभा मार्फ़त संशोधन कर उस सीमा को पांच लाख से घटाकर न्यूनतम तीन लाख कर दिया था.
हेमंत ने बताया कि गत 10 जुलाई 2025 को हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा प्रदेश के राजकीय गजट में प्रकाशित एक अधिसूचना मार्फ़त अंबाला, पंचकूला और सोनीपत नगर निगमों के अगले आम चुनाव के लिए ताजा परिसीमन अर्थात वार्डबंदी करने हेतु हरियाणा परिवार पहचान कानून, 2021 के अंतर्गत स्थापित परिवार सूचना डेटा कोष के प्रासंगिक प्रावधानों अनुसार 1 जुलाई 2025 की तारीख निर्धारित की गई अर्थात इस तिथि को उक्त तीन नगर निगमों में मौजूद जनसँख्या को पैमाना बनाकर उपरोक्त तीनो नगर निगमों में ताजा वार्ड निर्धारित किए जाएंगे.
अब चूँकि उपरोक्त तारीख तक सोनीपत नगर निगम की जनसँख्या तो 3.75 लाख होने कारण न्यूनतम तीन लाख के आवश्यक सीमा की आवश्यकता पूरा करती है परन्तु अम्बाला नगर निगम की 2.55 लाख और पंचकूला नगर निगम की 2.93 लाख होने से इन दोनों नगर निगमों के आगामी आम चुनावों पर गंभीर कानूनी पेच फंस सकता है. वैसे इसी वर्ष मानेसर नगर निगम के पहले आम चुनाव भी कराये गए थे जहाँ की जनसँख्या हालांकि तीन लाख से लगभग आधी 1 लाख 61 हजार थी.
