अंबाला।अस्थायी नंबर के बिना एजेंसी से निकले मोटरसाइकिल से हादसे में एक रिटायर्ड नेवी ऑफिसर की जान चली गई।
मृतक की मां ने मोटर व्हीकल एक्ट के चलते ट्रिब्यूनल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और मामले में मुख्य एजेंसी से लेकर सब एजेंसी, मोटरसाइकिल मालिक, चालक व इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ 20 करोड़ रुपये का दावा ठोक दिया।
48 वर्षीय संदीप नेवल ऑफिसर के पद से रिटायर्ड हो चुका था। टांगरी नदी के डीएवी स्कूल के पास दो मई को संदीप एक्टिवा पर सवार होकर जा रहा था, जहां उसे बाइक सवार विनोद ने टक्कर मार दी।
हादसे में संदीप की जान चली गई। इसके बाद मामले में मृतक की मां रक्षा देवी ने ट्रिब्यूनल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
अदालत में एमबी एक्ट के तहत बताया कि अप्रैल में विनोद ने बाइक साहा की एजेंसी से खरीदी थी लेकिन अस्थायी नंबर ही जारी नहीं किया, जबकि नियमों के मुताबिक बिना अस्थायी नंबर के बाइक को एजेंसी से बाहर नहीं निकाला जा सकता। ऐसे में बाइक से हादसा होना बड़ी बात है।
अधिवक्ता रोहित जैन, अधिवक्ता खुशीराम ने बताया कि मामले एक मुख्य कैंट की एजेंसी, साहा की सब एजेंसी, मोटरसाइकिल मालिक विनोद, चालक के साथ साथ इंश्योरेंस कंपनी को पार्टी बनाया है।
