पानीपत। प्रदेश में खाद की किल्लत को लेकर कृषि एवं कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ चंडीगढ़ में बैठक ली। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सभी जिलों के कृषि उपनिदेशकों से खाद की स्थिति की जानकारी ली।
बैठक के बाद मंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में यूरिया व डीएपी की किल्लत नहीं है। हर जगह स्टाक पूरा है। सरकार कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखे हुए है, अब तक 1,974 निरीक्षण किया जा चुका है। उधर यूरिया न मिलने पर किसान सड़कों पर उतर गए।
कृषि मंत्री ने बैठक के बाद दावा किया कि खरीफ सीजन 2025 के लिए प्रदेश को कुल 10.07 लाख मीट्रिक टन यूरिया की आवश्यकता है। एक अप्रैल से 19 जुलाई तक की अनुमानित मांग 5.91 लाख मीट्रिक टन थी, इस अवधि में केंद्र सरकार ने 8.54 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया है, जिसमें से 7.5 लाख मीट्रिक टन किसानों को बेचा जा चुका है।
वर्तमान में 1.04 लाख मीट्रिक टन यूरिया राज्य में स्टाक में है और 16,307 मीट्रिक टन रास्ते में है, जिससे कुल उपलब्धता लगभग 1.20 लाख टन हो जाती है। वहीं, 2.83 लाख टन डीएपी की जरूरत है, जिसमें से एक अप्रैल से 19 जुलाई तक 1.37 लाख टन की आवश्यकता थी। अभी तक 1.46 लाख टन डीएपी की आपूर्ति की जा चुकी है। इसमें से 1.10 लाख टन बिक चुका है। व
र्तमान में 36,000 टन स्टाक में है। 5,467 टन रास्ते में है, कुल उपलब्ध डीएपी 41,000 टन हो जाता है। उधर खाद नहीं मिलने से परेशान किसानों ने करनाल के डीडीए कार्यालय के बाहर धरना दिया व मुख्य सड़क को जाम कर दिया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
