मंगलवार 22 जुलाई को गीता निकेतन आवासीय विद्यालय में श्री गुरुजी सार्वजनिक पुस्तकालय का उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढाण्डा द्वारा किया गया।
यह पुस्तकालय आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है जिसमें विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों, अधिवक्ता, डॉक्टर, इंजिनियर, समाजसेवी, मीडिया कर्मी, लेखकों और वरिष्ठ नागरिकों के अध्ययन हेतु शांतिपूर्ण वातावरण, नवीनतम पुस्तकों का संग्रह, डिजिटल पुस्तक अनुभाग एवं इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ज्ञान का वास्तविक भण्डार पुस्तकों में है और पुस्तकें किसी भी समाज की रीढ़ होती हैं। यह पुस्तकालय न केवल ज्ञान का केंद्र बनेगा बल्कि नई पीढ़ी को अध्ययन की ओर प्रेरित करेगा। उन्होंने विद्यार्थियों और उपस्थित जनसमूह का आह्वान किया कि वे पढनें की आदत को जीवन का हिस्सा बनायें और तकनीक के इस युग में भी पुस्तकों से जुड़ाव बनायें रखें। उन्होंने आगे कहा कि यह श्री गुरुजी सार्वजनिक पुस्तकालय न केवल विद्यालय के छात्रों बल्कि कुरुक्षेत्र के सभी पाठक वर्ग के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। उन्होंने छात्रों से कहा कि अपनी-अपनी प्रतिभा के आधार पर जिस क्षेत्र में भी आप आगे बढना चाहते हैं उस क्षेत्र का उत्तम ज्ञान हासिल करते हुए दुनिया में सर्वश्रेष्ठ स्थान को प्राप्त करना है और भारत को भी श्रेष्ठ बनाना है। इस सर्वजनिक पुस्तकालय की व्यवस्था एवं श्रेष्ठ पुस्तकों को उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा मंत्री ने 11 लाख रुपए की अनुदान राशि देने की घोषणा की।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विद्या भारती उत्तर क्षेत्र के संगठन मंत्री विजय नड्डा ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों का भविष्य शिक्षकों के हाथ में है। अच्छी शिक्षा और संस्कार से ही आदर्श नागरिक तैयार होता है। उन्होनें कहा कि पठन की आदत एक संस्कार है जिसे धीरे-धीरे प्रोत्साहित करना होता है। पुस्तकों का कोई विकल्प नहीं है, यदि शिक्षक रचनात्मकता के साथ मार्गदर्शन करें तो विद्यार्थी अवश्य ही पुस्तकों के प्रेमी बन सकते हैं। विद्या भारती हरियाणा के अध्यक्ष इस कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रो. देवप्रसाद भारद्वाज ने बताया कि विद्या भारती द्वारा संचालित इस विद्यालय की स्थापना 1971 में राष्ट्रीय स्वंय सेवक संध के द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिव राव गोलवलकर श्री गुरुजी ने बालकों को संस्कारयुक्त शिक्षा देने के उद्देश्य से की थी। उन्होंने कहा कि श्री गुरुजी स्वयं एक अच्छे पाठक होनें के साथ-साथ एक अच्छे शिक्षक भी थे। हमें उनके श्रेष्ठ व्यक्तित्व का अध्ययन करना चाहिये।
कार्यक्रम में विद्यालय प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष डॉ. घनश्याम शर्मा ने पुस्तकालय की विशेषताओं की जानकारी दी और शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया। पुस्तकालय में हिन्दी अंग्रेजी और संस्कृत की शैक्षिक, साहित्यिक एवं प्रतियोगी परीक्षाओं से सम्बंधित हजारों पुस्तकांे के साथ-साथ सभी समाचार पत्र-पत्रिकाएँ भी उपलब्ध करवाई गई हैं। पुस्तकालय प्रतिदिन प्रात 08 बजे से सायं 04 तक विद्यार्थियों के लिए तथा सायं 04 बजे से रात्रि 08 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुला रहेगा। प्रधानाचार्य नारायण सिंह ने इस अवसर पर सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह का स्वागत एवं धन्यवाद किया। इस कार्यक्रम में विद्या भारती उत्तर क्षेत्र के सह-संगठन मंत्री बालकृष्ण, हिन्दू शिक्षा समिति हरियाणा के अनेक कार्यकर्ता एवं अधिकारीगण, विद्यालय के छात्र-छात्राएं, शिक्षक, कर्मचारी और प्रबंध समिति के सदस्यों के अलावा स्थानीय प्रशासन, प्रबुद्ध नागरिक एवं शहर के अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।
गीता निकेतन आवासीय विद्यालय में श्री गुरुजी सार्वजनिक पुस्तकालय का उद्घाटन
मंगलवार 22 जुलाई को गीता निकेतन आवासीय विद्यालय में श्री गुरुजी सार्वजनिक पुस्तकालय का उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा द्वारा किया गया।
यह पुस्तकालय आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है जिसमें विद्यार्थियों शोधकर्ताओंए शिक्षकोंए अधिवक्ताए डॉक्टरए इंजिनियरए समाजसेवीए मीडिया कर्मीए लेखकों और वरिष्ठ नागरिकों के अध्ययन हेतु शांतिपूर्ण वातावरणए नवीनतम पुस्तकों का संग्रहए डिजिटल पुस्तक अनुभाग एवं इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ज्ञान का वास्तविक भण्डार पुस्तकों में है और पुस्तकें किसी भी समाज की रीढ़ होती हैं। यह पुस्तकालय न केवल ज्ञान का केंद्र बनेगा बल्कि नई पीढ़ी को अध्ययन की ओर प्रेरित करेगा। उन्होंने विद्यार्थियों और उपस्थित जनसमूह का आह्वान किया कि वे पढनें की आदत को जीवन का हिस्सा बनायें और तकनीक के इस युग में भी पुस्तकों से जुड़ाव बनायें रखें। उन्होंने आगे कहा कि यह श्री गुरुजी सार्वजनिक पुस्तकालय न केवल विद्यालय के छात्रों बल्कि कुरुक्षेत्र के सभी पाठक वर्ग के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। उन्होंने छात्रों से कहा कि अपनी.अपनी प्रतिभा के आधार पर जिस क्षेत्र में भी आप आगे बढना चाहते हैं उस क्षेत्र का उत्तम ज्ञान हासिल करते हुए दुनिया में सर्वश्रेष्ठ स्थान को प्राप्त करना है और भारत को भी श्रेष्ठ बनाना है। इस सर्वजनिक पुस्तकालय की व्यवस्था एवं श्रेष्ठ पुस्तकों को उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा मंत्री ने 11 लाख रुपए की अनुदान राशि देने की घोषणा की।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विद्या भारती उत्तर क्षेत्र के संगठन मंत्री विजय नड्डा ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों का भविष्य शिक्षकों के हाथ में है। अच्छी शिक्षा और संस्कार से ही आदर्श नागरिक तैयार होता है। उन्होनें कहा कि पठन की आदत एक संस्कार है जिसे धीरे.धीरे प्रोत्साहित करना होता है। पुस्तकों का कोई विकल्प नहीं हैए यदि शिक्षक रचनात्मकता के साथ मार्गदर्शन करें तो विद्यार्थी अवश्य ही पुस्तकों के प्रेमी बन सकते हैं। विद्या भारती हरियाणा के अध्यक्ष इस कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रोण् देवप्रसाद भारद्वाज ने बताया कि विद्या भारती द्वारा संचालित इस विद्यालय की स्थापना 1971 में राष्ट्रीय स्वंय सेवक संध के द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिव राव गोलवलकर श्री गुरुजी ने बालकों को संस्कारयुक्त शिक्षा देने के उद्देश्य से की थी। उन्होंने कहा कि श्री गुरुजी स्वयं एक अच्छे पाठक होनें के साथ.साथ एक अच्छे शिक्षक भी थे। हमें उनके श्रेष्ठ व्यक्तित्व का अध्ययन करना चाहिये।
कार्यक्रम में विद्यालय प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष डॉण् घनश्याम शर्मा ने पुस्तकालय की विशेषताओं की जानकारी दी और शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया। पुस्तकालय में हिन्दी अंग्रेजी और संस्कृत की शैक्षिकए साहित्यिक एवं प्रतियोगी परीक्षाओं से सम्बंधित हजारों पुस्तकांे के साथ.साथ सभी समाचार पत्र.पत्रिकाएँ भी उपलब्ध करवाई गई हैं। पुस्तकालय प्रतिदिन प्रात 08 बजे से सायं 04 तक विद्यार्थियों के लिए तथा सायं 04 बजे से रात्रि 08 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुला रहेगा। प्रधानाचार्य नारायण सिंह ने इस अवसर पर सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह का स्वागत एवं धन्यवाद किया। इस कार्यक्रम में विद्या भारती उत्तर क्षेत्र के सह.संगठन मंत्री बालकृष्णए हिन्दू शिक्षा समिति हरियाणा के अनेक कार्यकर्ता एवं अधिकारीगणए विद्यालय के छात्र.छात्राएंए शिक्षकए कर्मचारी और प्रबंध समिति के सदस्यों के अलावा स्थानीय प्रशासनए प्रबुद्ध नागरिक एवं शहर के अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।
