रोजगार उन्मुखी ड्यूल डिग्री कार्यक्रम में दाखिला लेकर आत्मनिर्भर होंगे छात्रः प्रो. सोमनाथ सचदेवा
कुरुक्षेत्र, 21 जुलाई।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र द्वारा शिक्षार्थी सहायता केंद्र बनाने हेतु श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय (एसवीएसयू), दुधोला, चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, प्रेम नगर, भिवानी (मानव संसाधन), जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद, मानव संसाधन तथा सनातन धर्म महाविद्यालय, अंबाला छावनी (मानव संसाधन) के बीच समझौता किया गया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र (सीडीओई) द्वारा चलाए जा रहे रोजगार उन्मुखी ड्यूल डिग्री कार्यक्रम में दाखिला लेकर छात्र आत्मनिर्भर होंगे।उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र (सीडीओई)  के माध्यम से जो छात्र एमओयू संस्थानों में अपनी कक्षाएं लगाएंगे वे ड्यूल डिग्री प्रोग्राम में भी दाखिला ले सकते हैं। एक डिग्री किसी भी विश्वविद्यालय में नियमित तथा दूसरा पाठ्यक्रम ऑनलाइन कर सकते हैं। इससे हरियाणा के दूर दराज क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों को जहां एक और उन्हीं के क्षेत्रों में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से पीसीपी की कक्षाएं लगाने के लिए संबंधित संस्थान में व्यवस्था होगी वहीं पर दूसरी ओर कुवि का दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र ग्रामीण आंचल के छात्रों को उनके मनपसंद पाठ्यक्रम के लिए सभी सुविधाओं सहित उनके क्षेत्र में पंहुचेगा।
इस मौके पर दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केन्द्र की निदेशिका  प्रो. मंजुला चौधरी ने बताया कि जिन संस्थानों से कुवि का एमओयू  हुआ है उन संस्थानों के शिक्षकों को पीसीपी कक्षाएं लेने के लिए अपने अनुभव सांझा करने का अवसर प्राप्त होगा। वहीं पर दूसरी ओर उनको विश्वविद्यालय के नियमानुसार मानदेय भी प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही एमओयू संस्थान में ही उस क्षेत्र के छात्रों को कक्षा लगानी होगी ताकि उनको कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय परिसर में न आना पड़े। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में हरियाणा के विविध आंचलों में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय इस तरह के एमओयू कर शिक्षार्थी सहायता केन्द्र स्थापित करेगा।
इस अवसर पर जेसी बोस यूनिवर्सिटी से प्रो. अमित सरोहा, प्रो. दिव्या ज्योति, श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय से मैडम चंचल, डॉ. रवीन्द्र, डॉ. केशव शर्मा, सीबीएलयू भिवानी से प्रो. मयंक, एसडी कॉलेज अम्बाला से डॉ. गिरधर गोपाल, डॉ. मोहित, कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पॉल, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. दिनेश कुमार, डीन आफ कालेजिज प्रो. ब्रजेश साहनी, सीडीओई की निदेशिका प्रो. मंजूला चौधरी, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. राकेश कुमार, डॉ. अंकेश्वर, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया, डॉ. दीपक शर्मा सहित गणमान्य लोग मौजूद थे।
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शिक्षार्थी सहायता केंद्र के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों तक पंहुचेगा कुवि (सीडीओई)

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र द्वारा चलाए गए विभिन्न प्रोग्राम्स में दाखिला, व्यक्तिगत सम्पर्क कार्यक्रम (पीसीपी), काउंसलिंग तथा परीक्षा देने के लिए श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय (एसवीएसयू), दुधोला, हरियाणा, चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, प्रेम नगर, भिवानी (मानव संसाधन) तथा जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद तथा सनातन धर्म महाविद्यालय, अंबाला छावनी (मानव संसाधन), में  शिक्षार्थी सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं। शिक्षार्थी सहायता केंद्र के माध्यम से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों तक पंहुचेगा । शिक्षार्थी सहायता केंद्र बहु-माध्यम संपर्क केंद्र के रूप में कार्य करेगा।

विद्यार्थियों को स्वच्छ, संतुलित तथा पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध करवाना कुवि की प्राथमिकताः प्रो. एआर चौधरी
कुवि छात्र कल्याण अधिष्ठाता एवं हॉस्टल मैस ठेकेदारों के बीच हुई बैठक
कुरुक्षेत्र, 21 जुलाई।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. ए.आर. चौधरी ने विश्वविद्यालय परिसर में स्थित समस्त छात्रावासों के मैस ठेकेदारों के साथ एक औपचारिक बैठक का आयोजन किया। प्रो. एआर चौधरी ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वच्छ, संतुलित तथा पोषणयुक्त भोजन की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
बैठक के दौरान प्रो. एआर चौधरी ने खाद्य गुणवत्ता, स्वच्छता मानकों, शुल्क संरचना, तथा छात्र प्रतिक्रिया जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया। प्रो. चौधरी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी मैस संचालन विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार किए जाएं तथा विद्यार्थियों की संतुष्टि को प्राथमिकता दी जाए। इस बैठक का आयोजन करने का उद्देश्य मैस संचालन में गुणवत्ता सुधार हेतु सहयोगात्मक संवाद स्थापित करना था।
बैठक में मैस ठेकेदारों ने भी अपनी ओर से दैनिक संचालन से जुड़ी चुनौतियों एवं आवश्यकताओं को साझा किया। इस पारस्परिक संवाद में सभी पक्षों ने विद्यार्थियों की सुविधा एवं स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की। छात्र कल्याण अधिष्ठाता ने आशा व्यक्त की कि इस बैठक के फलस्वरूप छात्रावास सेवाओं की गुणवत्ता में उत्तरोत्तर सुधार सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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