चंडीगढ़। मिशन हरियाणा 2047 अब गति पकड़ेगा। प्रदेश सरकार ने विदेशी सहकारिता विभाग की तर्ज पर सरकार ने एक और नए विभाग का गठन किया है, जो पूरे मिशन की निगरानी करेगा। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कौशल विकास पर फोकस करते हुए हरियाणा को भविष्य के लिए समर्थ बनाएगा। वर्ष 2030 तक कुल घरेलू सकल उत्पाद (जीएसडीपी) वृद्धि दर को नौ प्रतिशत से अधिक करने और एक लाख युवाओं को नई हरित/तकनीकी आधारित नौकरियां देने का लक्ष्य है।

भविष्य विभाग बनाने का आदेश जारी

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने हरियाणा सरकार कार्य (आबंटन) द्वितीय संशोधन नियम-2025 के तहत नया विभाग बनाने का आदेश जारी कर दिया है। पर्यावरण, वित्त, उद्योग, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और शासन से जुड़ी 50 प्रतिशत प्रमुख परियोजनाओं में भविष्य विभाग की सलाह लेना अनिवार्य होगा।

यह विभाग एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और समावेशी विकास के लक्ष्य को साकार करने के लिए दीर्घकालिक रणनीतिक पहलों, तकनीकी दृष्टिकोण और समेकित नीति निर्माण के लिए नोडल एजेंसी के रूप में काम करेगा।

चुनौतियों व अवसरों का पूर्वानुमान लगाकर सभी विभागों को नीतियां बनाने में मदद करेगा। भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप मानव पूंजी विकास हेतु एकीकृत ढांचा विकसित करना तथा जल, ऊर्जा और कृषि जैसे संसाधनों के लिए सतत प्रबंधन की रणनीति तैयार करना नए विभाग की जिम्मेदारी होगी।

क्या काम करेगा भविष्य विभाग?

भविष्य विभाग ग्रामीण-शहरी एकीकरण और प्रवासन प्रबंधन योजना तैयार करेगा जिससे सामाजिक व आर्थिक संतुलन कायम किया जा सके। कृषि, विनिर्माण और आईटी जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) के लिए अनुदान व प्रोत्साहन दिए जाएंगे।

“हरियाणा एआई मिशन” के तहत युवाओं को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं में पूर्वानुमान विश्लेषण जैसे एआई आधारित समाधान लागू किए जाएंगे। वर्ष 2030 तक कम से कम पांच विभागों में रोबोटिक्स प्रोसेस ऑटोमेशन लागू किया जाएगा।

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