चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत ने रविवार की रात चंडीगढ़ में एक साथ रात्रिभोज कर उन तमाम कयासों पर विराम लगा दिया, जो जून में एक दर्जन विधायकों के राव के साथ भोजन करने पर लगाए जाने लगे थे।

राव इंद्रजीत की बेटी आरती सिंह राव के चंडीगढ़ स्थित सेक्टर सात में आवास पर विधायकों का रात्रिभोज हुआ था, जिसमें नांगल चौधरी की कांग्रेस विधायक मंजू चौधरी भी शामिल हुई थीं। मंजू के अलावा 11 भाजपा विधायक राव इंद्रजीत के साथ रात्रिभोज में शामिल हुए थे। इनमें से छह उनके खेमे के नहीं थे, लेकिन उनकी जीत में कहीं न कहीं राव इंद्रजीत के राजनीतिक प्रभाव का असर रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के निवास पर हुए विधायकों के भोज के बाद यह भी अफवाह चली कि राव इंद्रजीत के कट्टर समर्थक विधायकों को छोड़कर बाकी विधायकों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर इस रात्रिभोज पर सफाई दी थी।

डिनर के बाद जमकर चली थी अफवाह

बाद में राव इंद्रजीत ने कहा था कि उन्होंने विधायकों को रात्रिभोज पर बुलाकर कोई गलत काम नहीं किया है। उनकी बेटी का चंडीगढ़ में मंत्री के नाते आवास है और वहां पर विधायक भोजन के लिए इकट्ठा होते हैं तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

बिजली मंत्री अनिल विज ने तो यहां तक कह दिया था कि यदि आरती राव उन्हें बुलाएंगी तो वे अवश्य भोजन करने उनके आवास पर पहुंचेंगे। भाजपा में राव इंद्रजीत को क्रांतिकारी व अपने अलग ही मिजाज का नेता माना जाता है। उनके द्वारा एक दर्जन विधायकों को भोजन कराने के बाद भाजपा के राजनीतिक गलियारों में अलग ही संदेश जाने लगा था।

किसी भी तरह की गलतफहमी को दूर करने तथा पार्टी में यह संदेश देने के लिए कि राव इंद्रजीत तो क्या, कोई भी पार्टी नेता विधायकों, सांसदों व मंत्रियों के साथ भोजन कर सकता है, मुख्यमंत्री नायब सैनी चंडीगढ़ में आरती राव के निवास पर पहुंचे और राव इंद्रजीत के साथ भोजन किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *