फतेहाबाद। जिले के युवा नशे की दलदल में है। पुलिस ऐसे युवाओं को बाहर निकालने का प्रयास कर रही है। ये युवा केमिकल नशे का प्रयोग करने से अपनी जान भी गवां रहे हैं। इस कारण हाथ व पांव तक खराब हो गए हैं।

लगातार इंजेक्शन का प्रयोग करने से अंग भी काले पड़ गए हैं। जिले में नशे के खिलाफ चलाया जा रहा पुलिस का जागरूकता व पुनर्वास अभियान अब महज एक कानूनी कवायद नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की ओर कदम उठाया है। इस अभियान के सकारात्मक नतीजे सामने आने लगे हैं।

349 युवाओं ने छोड़ा नशा

अब तक 349 युवा पूरी तरह नशा मुक्त होकर समाज की मुख्यधारा में लौट चुके हैं और बाकी युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। उम्मीद है कि पुलिस का यह अभियान आने वाले दिनों में ऐसे युवाओं को भी मुख्यधारा में लाने में कामयाब होगा, जो काफी समय से नशा कर रहे हैं।

पुलिस ने 2261 नशाग्रस्त युवाओं की पहचान पुलिस द्वारा गठित नशा मुक्ति टीम ने जिलेभर में अब तक 2261 नशाग्रस्त युवाओं की पहचान की है, जिनमें से 1614 युवाओं का उपचार होम्योपैथिक, एलोपैथिक व देशी पद्धतियों से प्रारंभ किया गया है।

इनमें से 349 युवक पूरी तरह नशे की लत से बाहर निकल चुके हैं और अब शिक्षा, रोजगार और समाज सेवा की राह पर अग्रसर हैं। अभियान के तहत गांवों, शहरों, मुहल्लों, विद्यालयों व कालेजों में नशे के दुष्परिणामों पर आधारित सेमिनार, जागरूकता कार्यक्रम व निशुल्क नशा मुक्ति शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी

पुलिस न केवल तस्करों पर शिकंजा कस रही है, बल्कि नशाग्रस्त युवाओं को इलाज, काउंसलिंग और सहारा देकर उन्हें समाज में पुनः स्थापित कर रही है। रतिया में पांच युवा हुए नशा मुक्त, दो की हालत थी बेहद गंभीर रतिया के वार्ड 4 में हाल ही में नशा ग्रस्त पांच युवाओं की पहचान कर उनका उपचार शुरू किया गया।

उपनिरीक्षक सुंदरलाल व नशा मुक्ति टीम के समर्पित प्रयासों से इनमें से दो बेहद गंभीर युवाओं को नई जिंदगी मिली। एक युवक इंजेक्शन के जरिए नशा करता था, जिससे उसके दोनों हाथ संक्रमित होकर लगभग निष्क्रिय हो चुके थे।

विशेष चिकित्सकीय देखभाल और मानसिक सहयोग से वह अब पूरी तरह उबर रहा है। दूसरा युवक नशे के चलते परिवार से पूरी तरह कट चुका था, अकेलेपन व अवसाद में डूबा था। नशा मुक्ति टीम की देखरेख में अब वह दोबारा सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है।

रतिया में चलाया पुलिस ने सर्च अभियान रतिया पुलिस ने नशा तस्करों के विरुद्ध विशेष सर्च अभियान चलाया। इस अभियान में खोजी स्वान दल और स्वैट टीम की सहायता से सीमलापुरी कालोनी, नथवान और रत्ताखेड़ा क्षेत्रों में कई संदिग्ध स्थानों पर दबिश दी गई और संभावित तस्करों से पूछताछ की गई।

खोजी स्वान दल और स्वैट टीम की मदद से संदिग्ध मकानों, गलियों व छिपने के संभावित स्थानों की बारीकी से जांच की गई। इस दौरान पुलिस ने कुछ संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की।

नशा समाज का शत्रु है। इसके खिलाफ लड़ाई सिर्फ कानून से नहीं, संवेदना व सहयोग से भी लड़नी होगी। जब एक युवा नशा छोड़ता है, तो उसके साथ उसका पूरा परिवार और समाज भी बदलता है। यह अभियान एक नई सोच और बदलाव की शुरुआत है। प्रशासनिक सख्ती के साथ यदि मानवीय संवेदना जुड़ जाए, तो किसी भी बुराई को जड़ से खत्म किया जा सकता है।-  सिद्धांत जैन, एसपी फतेहाबाद।

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