पानीपत। दो दरिंदो ने गत 24 जून की रात पानीपत रेलवे स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी के डिब्बे में महिला से सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद महिला को ट्रेन से सोनीपत ले गए। रात को महिला को ट्रैक पर फेंक दिया। महिला ट्रक से उठकर चलने लगी तो पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आने से उसका पैर कट गया। पीड़िता को रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया।

डॉक्टर कटे पैर का इलाज करते रहे। चार जून को महिला ने पीजीआई की एक महिला डॉक्टर को आपबीती बताई। महिला का मेडिकल परीक्षण किया गया, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने इस घटना की जानकारी सोनीपत रेलवे पुलिस को दी है। पानीपत निवासी महिला के पति ने उसकी गुमशुदगी की शिकायत किला थाना में एक जून को दी। इसके बाद महिला की पहचान हुई।

अब जीआरपी और पुलिस की 40 टीमें मामले की जांच कर रही हैं। दरिंदों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पीजीआई में महिला की काउंसिलिंग करने वाले मनोचिकित्सक ने मंगलवार को बताया कि महिला बयान देने की स्थिति में नहीं है।

महिला बदल रही बयान

33 वर्षीय महिला ने दैनिक जागरण को बताया कि उसके साथ सोनीपत स्टेशन पर दुष्कर्म हुआ, जबकि पुलिस को दिए बयान में बताया कि पानीपत स्टेशन पर घटना हुई। महिला ने बताया कि वह पति से अनबन होने के कारण घर से निकल गई थी। 24 जून की रात को वह पानीपत रेलवे स्टेशन पर कुर्सियों पर बैठी थी। उस वक्त रात के करीब 10 बजे होंगे।

वह पानी की टंकी की ओर गई तो वहां दो युवक खड़े थे। वह उसे रेलवे स्टेशन पर माल गोदाम की ओर ले गए। उसके साथ दोनों ने दुष्कर्म किया। उसे वह ट्रेन से सोनीपत ले गए। यहां उन्होंने सोनीपत रेलवे स्टेशन पर ट्रैक पर धक्का दे दिया। तभी पैसेंजर ट्रेन आ गई। उसने उठकर भागने की कोशिश की तो उसका पैर पटरियों के बीच फंस गया और ट्रेन के नीचे आ गया। दोनों युवक वहां से फरार हो गए थे।

इसके बाद जब उसे होश आया तो वह अस्पताल में मिली। नौ जून को महिला के तीन वर्ष के इकलौते बेटे की बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई। दुष्कर्म पीड़िता की मानसिक स्थिति बिगड़ती जा रही।

रोहतक पीजीआई बयान लेने पहुंची पुलिस से इलाज कर रहे मनोरोग विशेषज्ञ ने कहा कि अभी महिला की दिमागी स्थिति आपबीती बताने लायक नहीं है। मंगलवार को एसपी जीआरपी अंबाला निकिता गहलोत सोनीपत पहुंची और जीआरपी एसएचओ से घटना के बाबत जानकारी ली। आरोपितों को पकड़ने के लिए 40 टीमें गठित की हैं।

16 स्टेशन का फोटो पीड़िता को दिखाएगी पुलिस

दुष्कर्म पीड़िता के दिमागी स्थिति में सुधार होने का इंतजार है। जांच को आगे बढ़ाने के लिए जीआरपी ने प्रदेश के 16 रेलवे स्टेशनों की फोटो दुष्कर्म पीड़िता को दिखाएगी, जिससे वह स्पष्ट बता सके कि उसके साथ दुष्कर्म की घटना को दरिंदों ने कहां अंजाम दिया है।

इसके साथ ही रेलवे स्टेशनों के किनारे बसी आबादी में ऐसे संदिग्धों को पुलिस ने चिह्नित करना शुरू कर दिया है, जो इस तरह की घिनौनी घटना को अंजाम दे सकते हैं।

रोहतक पीजीआई में भर्ती महिला को इलाज कर रहे मनोराग चिकित्सक ने बयान देने में अनफिट बताया है। मैंने आज सोनीपत पहुंचकर वहां जीआरपी एसएचओ से घटना की जानकारी ली। सामूहिक दुष्कर्म करने वाले दरिंदों को पकड़ने के लिए 40 टीमें गठित कर दी है। जल्द ही आरोपितों को पुलिस पकड़ लेगी। घटनास्थल की पहचान के लिए रेलवे स्टेशन की फोटो महिला को दिखाई जाएगी। – निकिता गहलोत, एसपी जीआरपी अंबाला।

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