कोर्ट केसो में सरकारी कर्मचारियों ने अदालतों में सुनवाई के समय क्या उचित दस्तावेज रखे या नहीं?, इस बारे में लिखा जाएगा पत्र : अनिल विज
अंबाला छावनी में जीएलआर (जनरल लैंड रिकार्ड) के मुताबिक जमीन कैंटोनमेंट बोर्ड से मिली, जमीन को बेचना अपराध : विज
श्री विज पहले ही अंबाला में बर्फखाने की जमीन के बारे में सरकार को जांच कराने हेतु पत्र लिख चुके

अम्बाला/चंडीगढ़, 08 जुलाई – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने अम्बाला छावनी में बर्फखाना जमीन मामले को लेकर सख्त रवैया अपनाते हुए कहा कि इस संबंध में वह राज्य सरकार को पत्र लिख रहे हैं कि पांच फरवरी, 1977 को जब एक्साइजर एग्रीमेंट हुआ था उसके बाद जितने भी कोर्ट केस इन जमीनों को लेकर हुए उसमें क्या सरकारी कर्मचारियों ने पैरवी के लिए उचित दस्तावेज अदालतों में रखे या नहीं? क्योंकि अदालतों को सही जानकारी नहीं देने की वजह से कुछ मामले अभी भी लंबित है।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि ऐसी जमीनों को लेकर अदालतों में केस विचाराधीन है। नियम अनुसार लीज जमीन पर नया भवन या ढांचा नहीं बढ़ाया जा सकता। यदि कोई नियम तोड़ता है तो लीज रद्द की जा सकती है व भवन को ध्वस्त किया जा सकता है।
श्री विज ने कहा कि बर्फखाने की जमीन को लेकर उनके द्वारा पहले ही इस संबंध में सरकार को जांच कराने के लिए पत्र लिखा गया है क्योंकि जीएलआर (जनरल लैंड रिकार्ड) के मुताबिक यह जमीन कैंटोनमेंट बोर्ड से मिली हुई है और जो स्टेट्स वहां था वो यहां है। जीएलआर के मुताबिक खाली जमीन की मालिक सरकार है और ऐसी जमीन को बेचना अपराध है। यदि ऐसी कवायद (बिक्री/खरीद) होती है तो उस पर केस दर्ज होना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह केस अम्बाला छावनी का नहीं बल्कि 62 छावनी क्षेत्रों का है क्योंकि अंग्रेज पहले किसी को जमीन का मालिकाना हक नहीं देते थे, केवल जमीन लीज पर देते थे और जमीन बर्फखाने, खेती व अन्य कार्यों के लिए लीज पर देते थे।
गौरतलब है कि अम्बाला छावनी सदर क्षेत्र की जमीन पहले कैंटोनमेंट बोर्ड के अधीन थी जिसे पांच फरवरी 1977 में अम्बाला सदर नगर पालिका के अधीन कर दिया गया था।

अंबाला सदर नगर परिषद में सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाएगी : विज
वहीं, अम्बाला छावनी में सफाई मामले को लेकर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि हमने अम्बाला छावनी में विकास के कई काम किए है। उन्होंने अपने सभी पार्षदों को कहा है कि अपने-अपने वार्ड में वह सफाई कराए। थोड़ी दिक्कत सफाई कर्मियों की कमी की है। इसके लिए उन्होंने नगर परिषद के ईओ को सफाई कर्मियों की कमी बारे सरकार को पत्र भेजने के लिए कहा है ताकि वह सरकार से मंजूर करवा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *