चंडीगढ़। हरियाणा में गैंगस्टरों के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई का असर शराब ठेकों की नीलामी पर पड़ा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर हरियाणा पुलिस ने मुहिम चलाकर गैंगस्टरों को निशाने पर लिया।
इसका असर यह हुआ कि शराब ठेकों की नीलामी एकाएक बढ़ गई। पिछले दो सप्ताह के भीतर आबकारी एवं कराधान विभाग ने 125 जोन की नीलामी कर 1370 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया है।
अभी तक आबकारी एवं कराधान विभाग को शराब ठेकों की नीलामी से 12 हजार 615 करोड़ रुपये का राजस्व मिल चुका है। हरियाणा के आबकारी एवं कराधान आयुक्त विनय प्रताप सिंह के अनुसार राज्य में 1194 आबकारी जोन में से 1,081 जोन की सफलतापूर्वक नीलामी की जा चुकी है।
खुदरा शराब की दुकानों के लाइसेंसधारियों को प्रत्येक जोन में दो दुकानें संचालित करने की अनुमति प्रदान की गई है।
नई आबकारी नीति के तहत पहले तीन सप्ताह के भीतर 2150 से अधिक खुदरा शराब की दुकानें खोली गई हैं। नीलामी की प्रक्रिया अभी जारी है। अब केवल 113 जोन नीलामी के लिए बचे हैं, जिनकी नीलामी कुछ ही दिनों में होने की संभावना है।
विनय प्रताप ने बताया कि इस साल मंत्रिमंडल ने 31 मार्च 2027 तक दो साल की अवधि के लिए आबकारी नीति को मंजूरी दी थी, इसलिए आबकारी विभाग पिछले साल की नीलामी की तुलना में कहीं अधिक राजस्व अर्जित करने में सक्षम रहा है।
तीन जुलाई 2025 को हुई अंतिम दौर की नीलामी में आबकारी विभाग ने 21 नये जोन की सफलतापूर्वक नीलामी की, जिससे 215 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
चालू नीलामी में नीलाम किए गए 1081 जोन से अर्जित राजस्व की तुलना पिछली आबकारी नीति से करते हुए विनय प्रताप ने कहा कि पिछले वर्ष की नीलामी की तुलना में अब तक लगभग उतने ही जोन की नीलामी की गई है, लेकिन पहले से ही दोगुने से अधिक राजस्व प्राप्त किया जा चुका है।
पिछले वर्ष अगस्त 2024 तक चली नीलामी प्रक्रिया से कुल 7025 करोड़ रुपये का लाइसेंस शुल्क अर्जित हुआ था।
