कुरुक्षेत्र। भारत आज विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विश्व पटल पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करवा रहा है, उसके इस विकास की नींव देश के जिज्ञासु और नवोन्मेषी छात्रों में ही निहित है। इन्हीं भावनाओं को साकार रूप देने हेतु गीता निकेतन आवासीय विद्यालय में विद्या भारती के तत्वावधान में विद्यालय स्तरीय गणित-विज्ञान मेले का आयोजन किया गया।इस मेले का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत की प्राचीन व अर्वाचीन उपलब्धियों से अवगत करवाते हुए उनमें क्रिया आधारित अध्ययन,अन्वेषण एवं संश्लेषण प्रवृति का विकास कर नवाचार को प्रोत्साहित करना है । इस मेले में छात्रों ने गणित, विज्ञान प्रदर्श व प्रयोग में प्रतिभागिता कर अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया । इस प्रदर्शनी में छात्रों ने विविध विषयों पर आधारित परियोजनाओं और प्रदर्शों का प्रदर्शन किया जिनमें सौर ऊर्जा पर आधारित प्रदर्श ,विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव पर आधारित प्रदर्श,भविष्य ईंधन पर आधारित प्रदर्श, नवचरित प्रदर्श,संवेदकों पर आधारित प्रदर्श ,समबहुभुजों के गुणधर्म पर आधारित प्रदर्श ,त्रिविमीय और शंकु परिच्छेद पर आधारित प्रदर्श,त्रिकोणमति आधारित प्रदर्श,सर्वसमिका आधारित प्रदर्श आदि विषय प्रमुख थे । छात्रों की इन प्रस्तुतियों ने न केवल वैज्ञानिक सोच को उजागर किया बल्कि छात्रों की कल्पनाशीलता और तकनीकी समझ का भी परिचय दिया । विद्यालय स्तर पर आयोजित इस मेले में कक्षा छठी से बारहवीं तक के बाल, किशोर, तरुण वर्ग से कुल 300 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया । विद्यालय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र ही संकुल स्तर पर प्रतिभागिता सकेंगे। इस कार्यक्रम में छात्रों की गतिविधियों का मूल्यांकन करने हेतु श्रीमती वैशाली,श्री गुलशन छाबड़ा, श्री भारत भूषण जिंदल, श्री प्रवीण सैनी , श्रीमती मधु, श्रीमती समिधा निर्णायक की भूमिका में उपस्थित रहे ।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्राचार्य श्री नारायण सिंह जी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व के समस्त आविष्कार मानवीय कल्पना और जिज्ञासा की ही देन हैं। अतः छात्रों को नवीन चिंतन, सृजन और प्रयोग के पथ पर अग्रसर होना चाहिए ।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ घनश्याम शर्मा व प्रबंधक पवन गुप्ता ने भी छात्रों को शुभकामनाएँ प्रेषित की।
सोनिका वधवा
