उपमंडल के अधीन आने वाले गांवों व शहर सहित पूरे क्षेत्र को कवर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की 20 टीमों का किया गठन, एसडीएम पंकज सेतिया ने स्वयं, बैठक में मौजूद अधिकारियों और उपमंडल कार्यालय में कार्यरत सभी अधिकारी- कर्मचारियों के खून की करवाई जांच
लाडवा, 3 जुलाई। एसडीएम पंकज सेतिया ने कहा कि एनीमिया मुक्त हरियाणा के तहत समाज में सभी एनीमिया से ग्रसित मरीजों की जांच, उपचार, परामर्श तथा मरीजों की ट्रैकिंग करने उपरांत एनीमिया जैसी बीमारी को संपूर्ण रूप से खत्म करना है। उपमंडल के अधीन आने वाले गांवों व शहर सहित पूरे क्षेत्र को कवर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की 20 टीमों का गठन किया गया है।
लाडवा एसडीएम पंकज सेतिया वीरवार को एनीमिया मुक्त हरियाणा कार्यक्रम को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृष्णकांत वशिष्ठ, चिकित्सा अधिकारी डॉ नीलम, रीजनल कोऑर्डिनेटर विनय गांधी, बलकार सिंह तहसीलदार, साहिब सिंह बीडीपीओ, आईसीडीएस तथा एजुकेशन विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम के दौरान उपमंडल अधिकारी पंकज सेतिया ने स्वयं तथा सभा में आए सभी सदस्यों के खून की जांच करवाई गई। उपमंडल कार्यालय में कार्यरत सभी अधिकारी व कर्मचारियों के खून की जांच भी करवाई गई।
एसडीएम पंकज सेतिया ने कहा कि एनीमिया मुक्त हरियाणा कार्यक्रम के लिए विशेष रूप से टीमों का गठन किया गया है। सभी टीम गांव स्तर पर जाकर विशेष रूप से जांच करने का कार्य करेंगी। 6 वर्ग में जांच के कार्य को किया जाएगा। इनमें 6 महीने तक के बच्चे, 59 माह के बच्चे, 5 साल से 9 वर्ष से बच्चे, 10 से 19 वर्ष के बच्चे, सभी प्रेग्नेंट महिलाएं, 15 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए 20 टीमों का गठन किया गया है, जोकि विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों, आंगनवाड़ी केन्द्रो, आयुषमान आरोग्य मंदिरो तथा अस्पताल में आए मरीजों की निषुल्क जांच करेंगें।
उन्होंने आश्वासन दिया कि वह बीडीपीओ के माध्यम से सभी सरपंच व पंचों को निर्देश देंगे कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे हैं एनीमिया मुक्त हरियाणा कार्यक्रम में अपना पूर्ण भागीदारी दें और जो भी बीमारी से ग्रसित मरीज मिलते हैं। उन्हें दवाई खिलाना अवश्य सुनिश्चित करे। उपमंडल अधिकारी नागरिक ने आम जनता से अपील की है कि वह इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग का पूर्ण सहयोग करें तथा एनीमिया जैसी बीमारी का उन्मूलन करने में स्वास्थ्य विभाग का पूर्ण सहयोग करें।
गांव में जाकर खून की कमी पूरा करने की देंगे जानकारी:डा. कृष्णकांत
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृष्णकांत ने बताया कि जांच उपरांत जो भी खून की कमी से ग्रसित मरीज मिलता है, उनको वहीं पर दवाई दी जाएगी। खून की कमी से कैसे बचे इस बारे में पूर्ण परामर्श भी दिया जाएगा। ऐसे मरीजों के लिए एक विशेष पोर्टल बनाया गया। जिस पर ऐसे मरीजों के आगामी सुधार के बारे अवलोकन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी गंभीर एनीमिक केस होंगे, उनको जिला स्तर पर इलाज हेतु भेजा जाएगा तथा माइल्ड और मॉडरेट एनीमिक केसों को उनके गांव स्तर पर ही दवाई दी जाएगी। इस कार्यक्रम का मकसद एनीमिया जैसी बीमारी को समाज से खत्म करना है।
