फरीदाबाद। अनंगपुर में अवैध निर्माण का मामला गरमा गया है। मंगलवार को वन विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम पुलिस बल के साथ कार्रवाई करने को पहुंची तो पहले से एकत्रित ग्रामीणों में से किसी ने पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिस ने अपने बचाव को लेकर हल्का बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया। तीन लोगों को हिरासत में लेने की भी बात कही जा रही है।

मंगलवार को दिन में अनंगपुर में तोड़फोड़ की कार्रवाई करने गई टीम पुलिस बल के साथ पहुंची थी, पर ग्रामीणों ने प्रवेश द्वार पर ही एकत्रित होकर बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक लिया और टीम को अंदर नहीं जाने दिया। इस पर वन विभाग, नगर निगम अधिकारी व पुलिस महिलाएं गांव के प्रवेश द्वार पर बैठकर विरोध जताने लगीं। कुछ महिलाएं रो पड़ीं।

ग्रामीणों ने गांव के प्रवेश द्वार पर ही लाल डोरा बढ़ाने का बैनर टांग कर सरकार से गुहार लगाई और इस पर जन आंदोलन करने की बात कही। ग्रामीणों का कहना है कि मलकियत की जमीन है। यहां रोजी-रोटी के साधन हैं। अपना गुजारा कर रहे हैं। मकान टूट गए तो सड़क पर आ जाएंगे। लोगों के विरोध के कारण डेढ़ घंटे तक यातायात प्रभावित रहा, वाहनों को पाली रोड की ओर डायवर्ट किया गया।

एक पखवाड़ा पूर्व ग्रामीण जिला उपायुक्त विक्रम सिंह और केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर से एक पखवाड़ा पूर्व गांव को टूटने से बचाने के लिए गुहार लगा चुके हैैं। मंत्री ने जिला उपायुक्त को कोई हल निकालने को कहा था, पर उपायुक्त ने ग्रामीणों को कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश हैं, इस पर वह कुछ नहीं कर सकते। तब से यह मामला शांत था।

अब जब ग्रामीणों को यह सूचना मिली कि वन विभाग कार्रवाई करेगा तो ग्रामीण आंदोलनरत हो गए। ग्रामीण अपनी बैठक कर रहे थे तो उनके बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय प्रताप भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार और अधिकारी सुुप्रीम कोर्ट के आदेश को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं। सरकार को सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर कर कैबिनेट की मीटिंग बुलानी चाहिए।

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