कुरुक्षेत्र, 26 जून। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कुरुक्षेत्र के उप निदेशक डा. कर्मचंद ने बताया कि वर्ष 2024-25 में फसल अवशेष प्रबंधन स्कीम के तहत जिला के किसानों को 31 करोड़ 78 लाख 84 हजार 875 रुपये की अनुदान राशि जारी की गई। हरियाणा प्रदेश में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए फसल अवशेष प्रबंधन स्कीम शुरू की गई है। इसके तहत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2024-25 में जिन 743 किसानों के कृषि यंत्रों जैसे सुपर सीडऱ, स्ट्रा बेलर, हे रैक व रोटरी स्लेशर का भौतिक सत्यापन करवाया गया था, उनका लगभग रुपये 8,30,49,875/- की प्रोत्साहन राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से किसानों के खाते में जारी कर दी गई है।
डा. कर्मचंद ने बताया कि इस योजना के तहत किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है, ताकि किसान कृषि यंत्र खरीद कर फसल अवशेषों को जलाने की बजाए खेतों में ही मिला सके। इससे भूमि की उर्रवकता शक्ति बढ़ाई जा सके। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त फसल अवशेष प्रबंधन स्कीम के तहत इन-सीटू एवं एक्स-सीटू फसल अवशेष प्रबंधन के लिए किसानों को अपनी फसलों के अवशेषों को रोटावेटर, सुपर सीडर व अन्य कृषि यन्त्रों से खेतों में मिलाने या बेलर मशीन द्वारा अवशेषों की गांठ बनवाने पर रुपये 1,000/- प्रति एकड के हिसाब से प्रोत्साहन राशि दी जा रही थी, जो अब वर्ष 2025-26 में बढ़ाकर रुपये 1,200/- प्रति एकड़ कर दी गई है। इस स्कीम के तहत वर्ष 2024-25 के लिए 30 नवम्बर 2024 तक विभागीय पोर्टल पर ऑन-लाईन पंजीकरण करवाने वाले जिला के 26939 किसानों को लगभग 234815 एकड रुपये 23 करोड़ 48 लाख 15 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से जारी कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन स्कीम के तहत कृषि यंत्रों की खरीद व इन-सीटू एवं एक्स-सीटू पराली प्रबंधन पर कुल मिलाकर जिला के किसानों को रुपये 31 करोड़ 78 लाख 64 हजार 875 रुपए की प्रोत्साहन राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से किसानों के खाते में जारी कर दी गई है।
