कुरुक्षेत्र, 24 जून। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर व वाणिज्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देशानुसार ऑनलाइन माध्यम से चलाए जा रहे 14 दिवसीय पुनश्चर्या पाठ्यक्रम के छठे दिन केरल विश्वविद्यालय, करियावट्टम, तिरुवनंतपुरम के स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट एंड लीगल स्टडीज़, वाणिज्य विभाग से प्रोफेसर बीजू टी. ने उद्यमिता और उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया उद्यमिता स्थानीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह नवाचार को प्रेरित करने, आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने एवं रोजगार सृजन में सहायक होती है।
दोपहर के पहले सत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से उत्पन्न उद्यमिता के अवसर विषय पर प्रतिभागियों ने संगोष्ठी के माध्यम से अपने विचार प्रस्तुत किए। दोपहर के द्वितीय सत्र में क्या युवाओं को पढ़ाई के बाद उद्यमिता की ओर बढ़ना चाहिए? विषय पर पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। कोर्स समन्वयक प्रो. तेजिंदर शर्मा ने संगोष्ठी एवं पैनल चर्चा में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों की भागीदारी एवं योगदान के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। इस पुनश्चर्या पाठ्यक्रम के संचालन में कुवि से प्रो. सुभाष चंद नागालैंड से डॉ. रेनबेनी किकोन, हिमाचल प्रदेश से डॉ. दीपिका गौतम, मध्य प्रदेश से डॉ. अमिताभ शुक्ल, पंजाब से डॉ. नवलीन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दोपहर के पहले सत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से उत्पन्न उद्यमिता के अवसर विषय पर प्रतिभागियों ने संगोष्ठी के माध्यम से अपने विचार प्रस्तुत किए। दोपहर के द्वितीय सत्र में क्या युवाओं को पढ़ाई के बाद उद्यमिता की ओर बढ़ना चाहिए? विषय पर पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। कोर्स समन्वयक प्रो. तेजिंदर शर्मा ने संगोष्ठी एवं पैनल चर्चा में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों की भागीदारी एवं योगदान के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। इस पुनश्चर्या पाठ्यक्रम के संचालन में कुवि से प्रो. सुभाष चंद नागालैंड से डॉ. रेनबेनी किकोन, हिमाचल प्रदेश से डॉ. दीपिका गौतम, मध्य प्रदेश से डॉ. अमिताभ शुक्ल, पंजाब से डॉ. नवलीन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
