अधीक्षक अंिभयंता यूएचबीवीएन कार्यालय बलदेव नगर में 24 जून 2025 को किया जाएगा बिजली अदालत का आयोजन
अंबाला, 22 जून – 

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम अम्बाला शहर के अधीक्षक अंिभयंता यूएचबीवीएन कार्यालय नजदीक अजीत पेट्रोल पम्प, बलदेव नगर अम्बाला शहर  में 24 जून 2025 को प्रात: 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित की जाएगी। इस बैठक की अध्यक्षता उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम अम्बाला के  अधीक्षक  अभियंता विनोद कुमार गोयल करेंगे। कोई भी उपभोक्ता अपनी बिजली से सम्बन्धित शिकायत यहाँ रख सकता है।
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उपमंडल स्तर पर कौशल विकास प्रशिक्षण केन्द्रों की शुरुआत, अभ्यर्थियों का होगा कौशल विकास- विश्वास मलिक
अंबाला 22, जून- 
जिला बाल कल्याण अधिकारी विश्वास मलिक ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद् के तत्वावधान में लघु बाल भवन, नारायणगढ़ की स्थापना उपमंडल मुख्यालय के लघु सचिवालय की द्वितीय मंजिल पर की जा रही है। यह पहल हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद् की उपाध्यक्ष श्रीमती सुमन सैनी व मानद महासचिव डॉ. सुषमा गुप्ता के दिशा-निर्देशन मे कि जा रही है।
उन्होंने बताया कि उपायुक्त अजय सिंह तोमर के मार्गदर्शन मे 01 जुलाई 2025 से लघु बाल भवन, नारायणगढ़ में कौशल विकास प्रशिक्षण केन्द्रों की शुरुआत की जा रही है, जो नारायणगढ़ क्षेत्र की गरीब एवं अन्त्योदय परिवारों से आने वाली बहन-बेटियों व अन्यों के लिए वरदान साबित होगी। इन कोर्सो के माध्यम से अभ्यर्थियों के कौशल विकास के तहत संबंधित कोर्स की प्रैक्टिकल जानकारी देकर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा, जोकि उन्हें आत्मनिर्भर व सशक्त भविष्य की दिशा मे एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशिक्षण के तहत चलाए जाने वाले कोर्स मे कंप्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र, सिलाई-कढ़ाई एवं फैशन डिजाइनिंग केन्द्र व ब्यूटी केयर/ स्किन केयर केन्द्र के तहत विद्यार्थियों को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें जीवन मे आगे बढने की दिशा कार्य करते हुए प्रशिक्षित किया जाएगा। इन कोर्सो में प्रशिक्षण अवधि का समय 6 माह एवं 1 वर्ष तक रहेगा। पात्रता के लिए 18 वर्ष या इससे अधिक आयु का कोई भी महिला या पुरुष व लडका या लडकी जिन्होंने दसवीं/बारहवीं या इससे अधिक शैक्षणिक योग्यता पास की हो। विशेष सुविधा नई शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए विद्यालय समय के बाद दोपहर 3 बजे से सायं 5 बजे तक का सायंकालीन बैच भी उपलब्ध रहेंगा। प्रशिक्षण कक्षाएं सोमवार से शनिवार तक, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होंगी। प्रत्येक कोर्स में एक से अधिक बैच संचालित किए जाएंगे। माह के द्वितीय शनिवार तथा राजकीय अवकाशों पर केंद्र बंद रहेगा। उन्होंने बताया कि इच्छुक प्रशिक्षक व अभ्यर्थी इन कोर्सो मे प्रवेश हेतु या अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9416189336, 9653912443, 9416376528 या लघु बाल भवन कार्यालय, लघु सचिवालय द्वितीय तल, नारायणगढ़ में संपर्क किया जा सकता है।
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प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 के लिए करें आवेदन अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 तक
अंबाला, 22 जून-

जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि जिला बाल संरक्षण इकाई अम्बाला, महिला एवं बाल विकास विभाग से  प्राप्त जानकारी अनुसार महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 के लिए  अब नामांकन/आवेदन अंतिम तिथि 31 जुलाई  2025  तक आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक एवं पात्र नामांकन कर्ता / आवेदक प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन मोड में http://awards.gov.in पर कर सकते हैं। यह पुरस्कार बहादुरी, खेलकूद, सामाजिक सेवा, विज्ञान  और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, कला एवं संस्कृति और नवाचार के क्षेत्रो में केवल पिछले 2 वर्षो के मध्य प्राप्त राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियों / असाधारण उपलब्धियों  के लिए 05 से 18 वर्ष  तक  की आयु के बच्चों कों दिए जाते हैं। कोई भी बच्चा जो भारतीय नागरिक हैं वह भारत में रहता हैं और उसकी आयु 05 वर्ष या उससे अधिक एवं 18 वर्ष या उससे कम है वह प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 के लिए केवल ऑनलाइन माध्यम से अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण कर सकता हैं। यह बाल पुरस्कार प्रतिवर्ष जनवरी माह में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में माननीय राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है और अवार्ड की घोषणा 26 दिसम्बर को वीर बाल दिवस के अवसर पर की जाती हैं। इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी  http://awards.gov.in  पर क्लिक करके भी  प्राप्त की जा सकती हैं , या जिला स्तर पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी, अम्बाला  के कार्यालय, पुनिया ब्रदर बिल्डिंग, कोर्ट रोड अम्बाला शहर में विजिट करके भी प्राप्त की जा सकती हैं।
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अंबाला, 22 जून-
उपनिदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग अम्बाला डॉ जसविन्द्र सिंह सैनी ने बताया कि प्राकृतिक खेती जो भूमि की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य पूर्ण जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, हमें दिखाती है कि कैसे हम पारंपरिक और प्रकृति आधारित तरीकों से कृषि कार्य कर सकते है। प्राकृतिक खेती से भूमि की उर्वरक शक्ति बढ़ती है। केमिकल व रासायनिक उर्वरकों के अन्धा धुंध प्रयोग से मनुष्य में कैंसर जैसी भयानक बीमारियां बढ़ती जा रही है। प्राकृतिक खेती से मनुष्य व पशुओं को विभिन्न बीमारियों से बचाया जा सकता है।
प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को गाय पालने पर हरियाणा सरकार प्रति गाय 30 हजार रुपये और 4 ड्रम खरीदने के लिए 3000/-रूपये प्रति ड्रम अनुदान प्रदान करती है। योजना का लाभ लेने के लिए  agriharyana.gov.in  पर ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन करवाएं।

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