राज्यसभा जाने की थी उम्मीद
राजस्थान और हरियाणा के चुनाव में डटकर काम करने वाले कुलदीप बिश्नोई को उम्मीद थी कि भाजपा उन्हें राज्यसभा में भेजकर केंद्रीय मंत्री बनाएगी, लेकिन पार्टी ने उन्हें न तो राज्यसभा सदस्य बनाया और न ही संगठन में किसी महत्वपूर्ण पद पर जिम्मेदारी सौंपी।
किरण चौधरी के लिए सोने पर सुहागा यह हुआ कि उनकी बेटी श्रुति चौधरी न केवल तोशाम विधानसभा सीट से चुनाव जीती, बल्कि भाजपा ने उन्हें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री तक बना दिया।
आदमपुर से बेटे भव्य बिश्नोई की हार के बाद कुलदीप को लग रहा था कि पार्टी उन्हें राज्यसभा में भेजकर सम्मान दे सकती है, लेकिन भाजपा में कुलदीप के विरोधियों के चलते ऐसा नहीं हो पाया। हालांकि, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का कुलदीप और भव्य दोनों पर हमेशा आशीर्वाद बना रहा है।
करीब सात माह के लंबे वनवास के बाद कुलदीप बिश्नोई ने अब फिर से अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने का निर्णय लिया है। कुलदीप और भव्य ने पिछले सप्ताह भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ से नई दिल्ली में मुलाकात कर न केवल उनका आशीर्वाद प्राप्त किया, बल्कि समर्थकों के चाय व जलपान के कार्यक्रम आरंभ करने की अनुमति प्राप्त की है।
