‘मेरे पैर में जूता है…’
जजपा अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला ने पिछले दिनों रोहतक में घोषणा की थी कि वे अपनी पार्टी के पोस्टर पर स्व. ओमप्रकाश चौटाला की फोटो लगाएंगे। अजय चौटाला की इस घोषणा के बाद इनेलो प्रमुख अभय सिंह चौटाला ने तीखा जवाब देते हुए कहा था कि ये लोग इनेलो पार्टी के गद्दार हैं, मेरे पैर में जूता है और उन्हें ओमप्रकाश चौटाला का फोटो अपनी पार्टी के पोस्टर पर नहीं लगाने दिया जाएगा।
अभय सिंह के इस बयान के बाद अजय सिंह का जवाब आया था कि कुछ लोग भले ही आठ अंगुल का जूता पहनते हों, लेकिन मेरे पैर में 13 नंबर का जूता आता है।
इसी दौरान पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने सफाई दी कि जब जजपा का गठन हुआ था, तब ओमप्रकाश चौटाला की फोटो हमारी पार्टी के पोस्टर पर नहीं लगाने की मजबूरी थी, क्योंकि वे इनेलो के अध्यक्ष थे।
हमने चूंकि सारी राजनीति ओमप्रकाश चौटाला से सीखी है और अब वे इस दुनिया में नहीं हैं तो हम उनका फोटो अपनी पार्टी के पोस्टर पर लगा सकते हैं।
अभय चौटाला ने शरद पवार और अजीत पवार का दिया उदाहरण
इस विवाद के बीच अभय सिंह चौटाला ने अजीत पवार और शरद पवार का उदाहरण दिया। उन्होंने स्व. बंसीलाल व देवीलाल के भी उदाहरण दिए। अजीत पवार चाहकर भी शरद पवार का फोटो अपनी पार्टी के पोस्टरों पर नहीं लगा पाए थे। रणबीर महेंद्रा को लोगों ने अपने पिता बंसीलाल का फोटो लगाने पर नकार दिया था।
रणजीत सिंह चौटाल आठ बार चुनाव हारे और देवीलाल के फोटो लगाने का भी उन्हें कोई फायदा नहीं मिला। रणजीत चौटाला जब भी चुनाव जीते तो ओमप्रकाश चौटाला की वजह से ही जीते। इसलिए जजपा का अपनी पार्टी के पोस्टरों पर स्व. ओमप्रकाश चौटाला का फोटो लगाने का कोई अधिकार नहीं है। वे पार्टी के गद्दार हैं।
