कुवि ने घोषित किए 8 परीक्षाओं के परिणाम
कुरुक्षेत्र, 21 अप्रैल। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में परीक्षा शाखा द्वारा 8 परीक्षाओं के परिणाम घोषित किए गए हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने बताया…
कुरुक्षेत्र, 21 अप्रैल। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में परीक्षा शाखा द्वारा 8 परीक्षाओं के परिणाम घोषित किए गए हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने बताया…
विधानसभा अध्यक्ष ने विकास कार्यों को लेकर की समीक्षा, कार्यों में तेजी लाने के सख्त दिए निर्देश, कहा अधिकारी समस्या का समाधान बताएं। करनाल, 21 अप्रैल। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष एवं घरौंडा…
केयू में रोस्ट्रम प्रतियोगिता- वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित कुरुक्षेत्र, 21 अप्रैल। भावाभिव्यक्ति में मौलिकता एवं स्पष्टता एक अच्छे वक्ता की पहचान है। इसके साथ ही भावों की अभिव्यक्ति इस प्रकार…
घरौंडा/करनाल, 21 अप्रैल। राजकीय महिला महाविद्यालय, बसताड़ा की प्राचार्या कमलेश रानी ने बताया कि सोमवार को महाविद्यालय में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी एवं महिला प्रकोष्ठ की संयोजिका अनुराधा के नेतृत्व में पोषण…
अम्बाला, 19 अप्रैल 2025 – कहानियों, विचारों और कल्पना के एक जीवंत उत्सव में, लिटरेरिया -अंबाला का पहला साहित्य महोत्सव आज आम्रपाली रिसॉर्ट में संपन्न हुआ, जिसमें पूरे देश से पुस्तक प्रेमी,…
यूनेस्को की पहल से भारतीय सांस्कृतिक विरासत की विश्व में बढ़ेगी पहचान 19 अप्रैल: श्रीमद्भगवद् गीता एवं भरतमुनि नाट्यशास्त्र को यूनेस्को की 74 डॉक्यूमेंट्री हेरिटेज कलैक्शन में शामिल करना वास्तव में भारतीय ज्ञान परंपरा का सम्मान है। यह उद्गार संस्कृति प्रेमी एवं लोक सांस्कृतिक विरासत के संरक्षक प्रो. महासिंह पूनिया ने यूनेस्को द्वारा पांडुलिपियों की पंजीकृत सूची में भारतीय ज्ञान परंपरा के दोनों ग्रन्थों को शामिल करने के पश्चात कहे। उन्होंने कहा कि गीता एक ऐसा ग्रन्थ है जिस का विश्व की लगभग सभी भाषाओं में अनुवाद हो चुका है। भरतमुनि नाट्यशास्त्र सांस्कृतिक दृष्टि से भारतीय परंपरा एवं सांस्कृतिक इतिहास का का एक ऐसा ग्रन्थ है जिस को विद्वानों ने पांचवे वेद की संज्ञा दी है। समस्त भारतवासियों के लिए यह गौरवमयी उपलब्धि है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा किया गया यह प्रयास वैश्विक स्तर पर गीता एवं नाट्यशास्त्र की गरिमा को नई पहचान देगा। यह पहचान हर उस भारतीय की है जो भारत की ज्ञान परंपरा पर गर्व एवं गौरव महसूस करता है। इस उपलब्धि पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि श्रीमद्भगवद् गीता के 18 अध्यायों में जीवन का सार है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा के अनुसार गीता का स्थान वही है जो उपनिषद एवं धर्मसूत्रों का है। उपनिषदों को जहां गायं कहा गया है वहीं पर गीता को उसके दुग्धरूपी सार की संज्ञा प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि उपनिषदों की जो अध्यात्म विद्या थी उसी को गीता में प्रस्तुत कर पूरे विश्व को एक ऐसा ग्रन्थ मिला है जो सब के लिए अनुकरणीय है। डॉ. पूनिया ने बताया कि भरतमुनि का नाट्यशास्त्र जो प्रदर्शन कलाओं पर एक प्राचीन ग्रन्थ है। यह ग्रन्थ 36 अध्यायों में विभाजित है। इस ग्रन्थ में नाटक के अभिनय, रस, संगीत और मंचन पर विस्तार से चर्चा की गई है। लोकजीवन में इसे पांचवे वेद की संज्ञा भी दी गई है। दोनों ही ग्रन्थों का यूनेस्को की पांडुलिपि ग्रन्थ सूची में शामिल होना प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का अवसर है। उन्होंने कहा कि संस्कृति मंत्रालय द्वारा की गई यह पहल आने वाले दिनों में भारतीय सांस्कृतिक एवं ज्ञान परंपरा के क्षेत्र में नये आयाम स्थापित करेगी।
केवल हिंदी दिवस तक दिखाई दे रहा सरकारी विभाग का हिंदी प्रेम करनाल,19 अप्रैल हिंदी दिवस के दौरान बड़ी-बड़ी बातें करने वाले सरकारी विभाग हिंदी दिवस निकलते ही अपनी असलियत…
ट्रस्ट के सदस्यों का सम्मान समारोह आज गाँव मसाना में ट्रस्ट के संरक्षक स्वामी धर्मदेव जी महाराज करेंगे कार्यक्रम में शिरकत कुरुक्षेत्र 19 अप्रैल हरियाणा के पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा…
बाल विवाह की रोकथाम के लिए सोच में लाएं बदलाव करनाल,19 अप्रैल। अतिरिक्त उपायुक्त यश जालुका ने बताया कि 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया का विशेष त्यौहार है और इस पर्व…
किसानों की खून पसीने की मेहनत को नहीं जाने दिया जाएगा व्यर्थ-सुभाष सुधा पूर्व राज्यमंत्री ने किया थानेसर के गांव खासपुर, चंद्रभानपुर व ज्योतिसर का दौरा किसानों के हुए नुकसान…