केवल हिंदी दिवस तक दिखाई दे रहा सरकारी विभाग का हिंदी प्रेम
करनाल,19 अप्रैल
हिंदी दिवस के दौरान बड़ी-बड़ी बातें करने वाले सरकारी विभाग हिंदी दिवस निकलते ही अपनी असलियत पर आ जाते हैं। मन मस्तिष्क में बसी हुई अंग्रेजी मानसिकता से ये बाहर नहीं आ पा रहे हैं न ही सरकारी अधिकारी और संस्थाएं अंग्रेजी का मोह छोड़ पा रहे हैं। हिंदी भाषी प्रदेश हरियाणा में ही सरकारी विभाग नियमों और दिशा निर्देशों की उल्लंघना करते नजर आ रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा हिंदी के प्रचार प्रसार और इसे बढ़ावा देने के लिए तमाम प्रयास किये जा रहे हैं। सरकारी विभाग और यहां तक की न्यायालय में भी हिंदी को लागू करने के लिए गाइडलाइन जारी की गई है ताकि आम जनमानस के बीच हिंदी भाषा को लोकप्रिय बनाया जा सके। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अक्सर हिंदी और स्थानीय भाषाओं को महत्व देने की बात करते हैं लेकिन करनाल नगर निगम पर इसका उलटा असर नजर आ रहा है। हाल ही में नगर निगम द्वारा लाइन पार एरिया में सार्वजनिक स्थानों की जानकारी देने के लिए साइन बोर्ड हिंदी की बजाय अंग्रेजी में लगवाए गए हैं। ये साइन बोर्ड पूरी तरह अंग्रेजी में है। लोगों का कहना है कि अंग्रेजी के साथ-साथ बोर्ड के दूसरी तरफ हिंदी में भी जानकारी लिखी जानी चाहिए थी ताकि आम व्यक्ति भी इसे समझ पाए। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है और हमें इस पर गर्व होना चाहिए लेकिन अधिकारियों का हिंदी के प्रति दोहरा रवैया ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि हम हिंदी भाषी क्षेत्र में रहते हैं और साइन बोर्ड के माध्यम से जो जानकारी दी गई है वह भी स्थानीय लोगों के लिए है, ऐसे में नगर निगम द्वारा हिंदी की यह उपेक्षा हैरान करने वाली है। यही नही इससे अंग्रेजी भाषा के मोह में फंसे करनाल नगर निगम की करनी और कथनी में अंतर साफ समझा जा सकता है।
