शिक्षा के साथ-साथ नए स्किल सीखने का कार्य करें युवा
करनाल के वरिष्ठ उपाध्याय मनोहर मुनि जैन पब्लिक स्कूल के 25 वें स्थापना दिवस समारोह में हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने की शिरकत
करनाल, 30 मार्च- करनाल के वरिष्ठ उपाध्याय मनोहर मुनि जैन पब्लिक स्कूल के 25वें स्थापना समारोह में हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने संबोधित करते हुए शिक्षा महज नौकरी पाने का जरिया नहीं है बल्कि यह एक जीवन परिवर्तन का मार्ग है। शिक्षा हमें संस्कारवान बनाती है। उन्होंने वीयूएमएम जैन पब्लिक स्कूल के 25 वें स्थापना दिवस पर समस्त छात्रों व स्कूल मैनेजमेंट को बधाई दी। इस मौके पर उन्होंने हिन्दू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं दी।
हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि आज के कार्यक्रम में छात्रों ने महिला सशक्तिकरण को लेकर बेहतरीन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी है, जो हम सभी के लिए प्रेरणादायी है। भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी बेटी-बचाओ और बेटी-पढ़ाओ अभियान को शुरू किया था। इसके साथ-साथ महिला सशक्तिकरण की दिशा में लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं की शुरुआत की गई है, जिसका लाभ महिलाएं उठा रही हैं।
तेजी से आगे बढ़ रहा भारत
हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि भारत तेजी से प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। विश्व की बड़ी शक्तियों में भारत का नाम गिना जाता है। देश को आगे बढ़ाने में हमारी युवा शक्ति का अहम योगदान है। हमें शिक्षा के साथ-साथ स्किल पर भी कार्य करना चाहिए। आज शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक का महत्व बढ़ गया है। ऐसे में हम नए-नए स्किल सीखकर न केवल नौकरी अर्जित कर सकते हैं बल्कि नए-नए स्टार्ट अप भी खड़े कर सकते हैं।
गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान कर रहा वीयूएमएम जैन पब्लिक स्कूल
हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि वीयूएमएम जैन पब्लिक स्कूल गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान कर रहा है। बेहद खुशी है कि विद्यालय अपने 25 वर्ष पूरे कर रहा है। शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य, पशु-पक्षियों के लिए भी संस्था के द्वारा कार्य किया जा रहा है। मेधावी छात्रों को फीस में छूट दी जाती है। यह सराहनीय है।
राज्यपाल ने आमजन से की अपील
हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने सभी आमजन से अपील की है कि इस गर्मी के मौसम में अपने घरों की छत पर किसी भी बर्तन में पीने का पानी अवश्य रखें ताकि पक्षी गर्मी में पानी पी सकें।
शिक्षा के साथ-साथ सर्वांगीण विकास पर बल: पीयूष मुनि जी महाराज
प्रेरक भारत संत श्री पीयूष मुनि जी महाराज ने कहा कि संत विभूतियों के पवित्र नाम से स्थापित शिक्षण संस्थान समाज के बुनियादी आवश्यक विकास के लिए नींव का पत्थर साबित होते हैं क्योंकि यहां भौतिक शिक्षा के साथ नैतिकता, सर्वांगीण विकास पर बल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि चरित्र के विकास के बिना शिक्षा अधूरी है जो अपने मौलिक उद्देश्य की पूर्ति नहीं कर सकती। नैतिकता की नींव को मजबूत किए बिना स्थायी एवं बहुमुखी विकास असंभव है। ज्ञान प्रकाशक है और वह भले-बुरे का बोध कराता है। समाजसेवी धनाढ्य महानुभावों को शिक्षा तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगदान देकर राष्ट्र सुदृढ़ीकरण के साथ उज्ज्वल स्वर्णिम भविष्य सुनिश्चित करना चाहिए।
स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई: विधायक जगमोहन आनंद
करनाल के विधायक जगमोहन आनंद ने वीयूएमएम जैन पब्लिक स्कूल के 25 वें स्थापना दिवस पर हार्दिक बधाई दी। इसके साथ-साथ उन्होंने हिन्दू नववर्ष की भी हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि करनाल दानवीर राजा कर्ण की नगरी है, यहां संत महात्माओं की कृपा और उनके प्रवचन सुनने को मिलते हैं, जो जीवन में मार्गदर्शन करते हैं। संत पीयूष मुनि जी महाराज का मार्गदर्शन निरंतर मिलता रहता है।
शिक्षा हमारे जीवन को मूल्यवान बनाती है: एसीएस विनीत गर्ग
हरियाणा सरकार के एसीएस विनीत गर्ग ने कहा कि यह बड़े हर्ष की बात है कि महान संत मनोहर मुनि जी महाराज के नाम से स्थापित स्कूल अपने 25 वर्ष पूरे कर रहा है। शिक्षा का एक व्यक्ति के जीवन में बहुत योगदान है। शिक्षा हमें मानव बनाती है, हमारे जीवन को मूल्यवान बनाती है और जीवन में संस्कारों का मेल करवाती है। यह बड़े गौरव की बात है कि यह विद्यालय आधुनिक शिक्षा पद्धति से विद्यार्थियों को शिक्षित कर रहा है। बच्चों को जीवन में कठिन परिश्रम करना चाहिए, कठिन परिश्रम के अलावा जीवन में उन्नति का कोई रास्ता नहीं है।
इस मौके पर असंध के विधायक योगेंद्र राणा, मेयर रेनू बाला गुप्ता, सांसद प्रतिनिधि कविंद्र राणा, देवराज सतीश गोयल, नरेन्द्र गर्ग, अरुण जैन, विनोद मित्तल, प्रेम सागर जैन, राजेश जैन, सरोज जैन, राहुल जैन, मोहन लाल, सुरेंद्र गुप्ता, अजय गोयल, प्रशांत गोयल, तनुजा सचदेवा, वीणा गर्ग, एसपी गंगाराम पूनिया, एडीसी यश जालुका, एसडीएम अनुभव मेहता व अन्य मौजूद रहे।