स्वस्थ जीवन के लिए नियमित जांच जरूरी : डॉ. ममता सचदेवा
केयू स्वास्थ्य केन्द्र में कर्मचारियों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित
कुरुक्षेत्र, 28 मार्च। 
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में केयू स्वास्थ्य केंद्र में योग गुरु तथा डॉ. हिमांशु जैन व डॉ. शिशिर के संयुक्त तत्वावधान में कर्मचारियों के लिए आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का बतौर मुख्यातिथि उद्घाटन करते हुए कुवि कुलपति की धर्मपत्नी डॉ. ममता सचदेवा ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए नियमित जांच जरूरी है। समय-समय पर स्वास्थ्य की जांच करवाकर बीमारियों से बचा जा सकता है। इसलिए हमें अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में स्वास्थ्य से बढ़कर कुछ नहीं है तथा एक स्वस्थ व्यक्ति ही समाज एवं राष्ट्र के विकास में अहम योगदान दे सकता है। उन्होंने कहा कि जीवन का सबसे बड़ा सुख अच्छा स्वास्थ्य है इसलिए स्वस्थ रहना न केवल शारीरिक लाभ प्रदान करता है, बल्कि मानसिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी अत्यधिक लाभकारी है।
केयू स्वास्थ्य केन्द्र के एडमिनिस्ट्रेटर एवं मेडिकल ऑफिसर गैपियो सदस्य, आरएसएसडीआई डॉ. आशीष अनेजा ने बताया कि इस निःशुल्क शिविर में लगभग 300 लोगों ने पंजीकरण करवाकर इस सुविधा का लाभ उठाया। उन्होंने बताया कि ब्रेन एवं स्पाइन सर्जन डॉ. हिमांशु जैन में सिर में दर्द, मिर्गी, सरवाईकल, याददाश्त में कमी, कमर में दर्द तथा हाद व पैर में सुन्नपन संबंधित लोगों का चैकअप कर उन्हें उचित चिकित्सा परामर्श दिया। उन्होंने बताया कि शिविर में योग गुरु एवं डॉ. जैन सहित विशेषज्ञों की टीम ने हड्डी एवं नसों से संबंधित मरीजों की गहनता से जांच की। शिविर में ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, ईसीजी, बुखार, वजन, स्पाइरोमेट्री, बीएमडी, न्यूरोपैथी इत्यादि के भी टेस्ट किए गए। इसके साथ ही मरीजों को निःशुल्क दवाईयां भी वितरित की गई।
इस अवसर पर स्वामी शंकरानंद सरस्वती, डॉ. मनीष कुकरेजा, डॉ. सुरेन्द्र राणा, रीना चौहान, मदन, नरेन्द्र वर्मा, रूपेश खन्ना, वरूण शर्मा, कोमल, पार्थ, धर्मेश, वीरेन्द्र, राहुल, मनीष, सचिन, लवकेश व शिव कुमार मौजूद रहे
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आहार में फाइबर को करें शामिल

निःशुल्क मेडिकल हैल्थ चेकअप शिविर में आहार में फाइबर को शामिल करने तथा कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ शामिल करने के बारे में बताया गया। इसके साथ ही शिविर में मधुमेह से बचाव के लिए चीनी और परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट के सेवन से बचने, एक समय में भोजन का छोटा हिस्सा खाने का अभ्यास करने के बारे में बताया गया।
हरियाणा की कला संस्कृति समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतिबिंब: डॉ. रणबीर सिंह फोगाट
केयू जनसंचार संस्थान में फोटोग्राफी क्लब का ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित
कुरुक्षेत्र, 28 मार्च।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान में फोटोग्राफी क्लब के ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन सेमिनार हॉल में किया गया। इस ट्रेनिंग   प्रोग्राम में डॉ. रणबीर सिंह फोगाट, पूर्व जनसंपर्क अधिकारी, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च, मिनिस्ट्री ऑफ हैल्थ एंड फैमिली वेलफेयर, भारत सरकार मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने फॉक फोटोग्राफी, स्ट्रीट फोटोग्राफी, संस्कृति के प्रत्येक संबंधित विषयों की फोटोग्राफी, कैमरा के तकनीकी पहलुओं पर अपने विस्तृत विचार व्यक्त किए।
डॉ. रणबीर सिंह फौगाट ने मुख्य वक्ता के रूप में कहा हरियाणा की कला संस्कृति समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतिबिंब हैं, और उनकी रचनात्मकता और सुंदरता के लिए अत्यधिक बेशकीमती हैं। हरियाणा की कला और शिल्प पूरे भारत में प्रसिद्ध हैं, और राज्य में ग्रामीण समुदायों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं। एक सुंदर तस्वीर में तीन चीजें जरूर होनी चाहिए – इसका प्रकाश अच्छा होना चाहिए, कंपोज अच्छी तरह होनी चाहिए, पृष्ठभूमि ऐसी हो जो मुख्य विषय से मेल न खाये और इसमें किसी एक ऐसे क्षण को संजोना चाहिए जो या तो एक भाव या किसी विशेष दृश्य को कैद कर लें। इन सब में भी फोटो लिए जाने के समय का महत्व बहुत अधिक है। सबसे अच्छे फोटो वे हैं, जो असंभव प्रतीत होते हैं, सामान्य तरीके से सोचे जाने पर विश्वास से परे प्रतीत होते हैं।
हरियाणवी संस्कृति में ग्रामीण जीवन में पनघट के दृश्य, ग्रामीण वेशभूषा, शिल्प कला, आभूषण, बर्तन, रीति-रिवाज के अनुसार त्यौहार आदि शामिल हैं। युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति एवं संस्कार के बारे में इन सभी से जुड़कर फाक फोटोग्राफी के माध्यम से इनकी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होने कहा कि नये फोटाग्राफरों को डिजीटल तकनीकी को थ्योरी के माध्यम से समझते हुए प्रैक्टिकल माध्यम अपनाना होगा, क्योंकि जितना प्रैक्टिकल आस-पास की जगहों से किया जायेगा उतना ही प्रोफेशनल फोटाग्राफर बना जा सकता है।
डॉ. रणबीर सिंह ने कहा कि नये फोटोग्राफरों को पुराने एवं नये फोटों में सामाजिक वैल्यू को समझना होगा क्योंकि फोटाग्राफर जब तक कैमरे के किसी भी एंगल से ली फोटो का बारीकी से विश्लेषण नहीं करेगा तब तक एक फोटोग्राफर नहीं बन सकेगा।
जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं संस्थान फोटोग्राफी क्लब के कोऑर्डिनेटर डॉ. रोशन मस्ताना ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए कहा कि इस फोटोग्राफी क्लब के टैªनिंग प्रोग्राम का मुख्य उदेश्य विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के साथ फोटोग्राफी के विभिन्न विशेषज्ञों के अनुभवी ज्ञान के माध्यम द्वारा उनको प्रोफेशनल फोटोग्राफर बनाना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की रचनात्कताओं को आगे बढ़ाना संस्थान और विश्वविद्यालय का मुख्य उदेश्य है। इस अवसर पर फोटोग्राफी क्लब के विद्यार्थियों फोटो विशेषज्ञ से फोटोग्राफी संबंधित विभिन्न प्रश्ने पूछे जिसका उनके द्वारा प्रतिउत्तर दिया गया। इस मौके पर डॉ. मधुदीप, डॉ. आबिद अली, डॉ. अभिनव, डॉ. तपेश किरण, डॉ. सतीश राणा, सचिन, राकेश, राहुल आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

कैम्पस प्लेसमेंट ड्राइव के ऑनलाइन टेस्ट में 125 विद्यार्थियों ने लिया भाग
कुरुक्षेत्र, 28 मार्च। 
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में देश के प्रतिष्ठित फेडरल बैंक द्वारा कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव के लिए ऑनलाइन टेस्ट का आयोजन किया गया। इस टेस्ट के लिए बैंक की तरफ से  एल एंड टी एजुटैक कम्पनी के प्रतिनिधियों ने तकनीकी प्रबंध किए। टेस्ट में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के एमबीए, एमकाम, एमए अर्थशास्त्र, एमएससी सांख्यिकी और एनआईटी कुरुक्षेत्र के लगभग 125 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रशिक्षण, प्रशिक्षुता और रोजगार केन्द्र के कोऑर्डिनेटर डॉ. महेन्द्र सिंह ने बताया कि फेडरल बैंक द्वारा अधिकारिक स्तर की भर्ती परीक्षा आयोजित की गई जिसमें  विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने आज परीक्षा दी। इस परीक्षा को पास करने वाले विद्यार्थियों को अंतिम साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएाग। डॉ. महेन्द्र सिंह ने बताया कि फेडरल बैंक पिछले कई वर्षो से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का चयन कैम्पस प्लेसमेंट के माध्यम से कर रहा है। इस प्लेसमेंट ड्राइव में चयनित विद्यार्थियों को 16 लाख वार्षिक तक वेतन भत्ते दिए जाएंगे।

संगीत द्वारा देश-विदेश की संस्कृति सीख सकते हैं विद्यार्थीः पंकज वैद
विद्यार्थियों को दिया भारत के लोक नृत्यों के बारे में ज्ञान
कुरुक्षेत्र, 28 मार्च।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में आई.आई.एच.एस संस्थान के संगीत एवं नृत्य क्लब द्वारा शुक्रवार को एक दिवसीय निःशुल्क नृत्य कार्यशाला भारत के लोक नृत्य का आयोजन किया गया जिसका शुभारंभ संस्थान की प्राचार्या प्रो. रीटा द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
कार्यशाला के प्रशिक्षक पंकज वैद ने कहा कि संगीत केवल एकमात्र ऐसा मार्ग है जिससे हम न केवल प्रदेश अपितु देश-विदेश की संस्कृति सीख सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को भारत के लोक नृत्यों के बारे में ज्ञान दिया और विद्यार्थियों को हरियाणा, पंजाब, हिमाचल इत्यादि प्रदेशों के लोकनृत्य सिखाए।
संस्थान की प्राचार्या प्रो. रीटा ने विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां हमारे आत्मिक, शारीरिक व मानसिक विकास हेतु अत्यावश्यक हैं और ऐसी गतिविधयों द्वारा ही मानव के संस्कारों का भी विकास होता है। संगीत एवं नृत्य क्लब के संयोजक डॉ. कुलविंदर कौर व डॉ. वीर विकास ने बताया कि इस कार्यशाला में 80 से अधिक छात्र-छात्राओं ने सीखा कि हमारे देश का लोकनृत्य हमारे लिए क्या मान्यता रखता है और हमारे जीवन में कैसे सहायक हो सकता है। कार्यशाला की व्यवस्था जसवंत जी द्वारा की गई।
इस अवसर पर संस्थान के प्रो. अमृत सिंह, प्रो. विवेक चावला, डॉ. जसविंदर, डॉ. ऋतु सैनी, डॉ. ज्योति चौहान, डॉ. स्नेहा, डॉ. नितांत गौर, डॉ. सुभाष, तनु, डॉ. प्रेम, डॉ. ऋतु जांगडा, डॉ. तराशा आदि शिक्षक मौजूद रहे। 

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