कुरुक्षेत्र, 24 मार्च। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा और कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र पाल ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय शोध पत्रिका (केयूआरजे) और जर्नल ऑफ हरियाणा स्टडीज (जेएचएस) के एक-एक अंक का विमोचन किया। इस अवसर पर दोनों पत्रिकाओं के प्रधान संपादक प्रो. दिनेश के. गुप्ता और उनके संपादकीय बोर्ड के सदस्य भी मौजूद थे।
इस अवसर पर बोलते हुए कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि शोध पत्रिकाएं विद्वतापूर्ण शोध की परिचायक हैं। शोध एवं अनुसंधान के आधार पर किसी भी राष्ट्र में नवाचार, उद्यमिता, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास के साथ-साथ समावेशी विकास के ढांचे को मजबूत किया जा सकता है। शोध एवं अनुसंधान को बढ़ावा देना कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। कुलपति प्रो. सोमनाथ ने पत्रिकाओं के माध्यम से किए गए विद्वत्तापूर्ण योगदान की सराहना की व उच्च प्रकाशन मानकों को बनाए रखने के लिए संपादकीय टीम को बधाई दी। कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल ने पत्रिकाओं की समीक्षा प्रक्रिया और बहु-विषयक दृष्टिकोण की भी सराहना की।
प्रो. दिनेश गुप्ता ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय गीता संगोष्ठी के लिए प्रकाशित भगवद गीता पर जेएचएस का विशेष अंक और सीडीओई सम्मेलन के लिए जारी एनईपी 2020 के संदर्भ में दूरस्थ और ऑनलाइन शिक्षा पर केयूआरजे का विशेष अंक पहले ही अच्छी प्रतिक्रिया पा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यूजीसी केयर लिस्ट ऑफ जर्नल्स को बंद करने के साथ, शोधकर्ता अब मानक अकादमिक पत्रिकाओं की पहचान करने के लिए आठ प्रमुख मापदंडों द्वारा निर्देशित होते हैं। उन्होंने कहा कि केयूआरजे और जेएचएस दोनों ही लगभग सभी मानदंडों को पूरा करते हैं, जिससे अकादमिक हलकों में उनकी विश्वसनीयता और महत्व मजबूत होता है। संकाय सदस्यों और शोध विद्वानों को अपने काम में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करते हुए, प्रो. गुप्ता ने इस बात पर प्रकाश डाला कि ये अर्धवार्षिक पत्रिकाएं सहकर्मी-समीक्षित, रेफरीड, बहु-विषयक, और बहुभाषी हैं। इस मौके पर कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल, सामाजिक विज्ञान के डीन प्रो. एस. के. चहल के साथ-साथ प्रो. अशोक चौहान, डॉ. पवन कुमार, डॉ. जितेंद्र भारद्वाज, डॉ. अर्चना, डॉ. जिम्मी शर्मा, राहुल वर्मा और संजय शर्मा मौजूद थे।
फोटोग्राफी मनुष्य के भावों, विचारों के प्रैक्टिकल माध्यमः डॉ. पवन कुमार
फोटोग्राफी क्लब का उदेश्य विद्यार्थियों के कौशल में निखार लानाः डॉ. रोशन मस्ताना
केयू जनसंचार संस्थान में फोटोग्राफी क्लब का इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित
कुरुक्षेत्र, 24 मार्च। जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रोफेसर महासिंह पूनिया ने कहा कि फोटोग्राफी के माध्यम से युवा रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। फोटोग्राफी क्षेत्र बहुत रचनात्मक क्षेत्र है उसमे विद्यार्थियों को अपना कौशल निखारने में सहायता मिलेगी। वे सोमवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान में फोटोग्राफी क्लब के इंडक्शन कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।
प्रो. महासिंह पूनिया ने विद्यार्थियों को फोटोग्राफी क्लब के इंडक्शन कार्यक्रम के तहत प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में आस-पास की चीजों को देखने का नजरिया बिल्कुल अलग होता है जिसमें आप अपनी रचनात्मकता दिखा सकते हैं। उन्होने कहा कि विद्यार्थियों को फोटोग्राफी के लिए धरोहर और 1857 की क्रांति का संग्रहालय को देखना चाहिए ताकि वे रचनात्मक कौशल विस्तार से दे सके।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता फाईन आर्ट विभाग के पूर्व चैयरमेन एवं एसोसिएट प्रौफेसर डॉ. पवन कुमार ने कहा कि फोटोग्राफी ऐसी विधा है जिसके तहत हम अपने भाव एवं विचारों को तस्वीरों के रूप में समाज के सम्मुख प्रस्तुत करते है। उन्होने कहा कि फोटोग्राफी का वर्तमान कैमरा बहुत हल्का फुलका एवं बेहतरीन है लेकिन इसकी शुरूआत का दौर बहुत कठिन था। फोटोग्राफी का इतिहास बताते हुए कहा कि प्रारंभिक कैमरे लगभग एक कमरे के बराबर होते थे लेकिन समय के साथ वो पॉकेट फैंडली होते चले गये। उन्होने विद्यार्थियों को फोटोग्राफी तकनीक, एंगल, एंगल की बारिकियों को प्रैक्टिकल रूप समझाया।
जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के अस्सिटेंट प्रोफेसर एवं फोटाग्राफी क्लब के कोर्डिनेडर डॉ. रोशन मस्ताना ने कहा कि फोटोग्राफी क्लब कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा की दूरदर्शिता का परिणाम है जिसके तहत संपूर्ण विभागों एवं संस्थानों में फोटाग्राफी क्लब संचालित है। उन्होंने कहा कि फोटोग्राफी क्लब के विभिन्न उदेश्य हैं जिनमें विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के तहत आगे बढ़ाया जा सकेगा इसके तहत ही विद्यार्थियों की फोटोग्राफी की बारीकियों के संबंध में असीम जानकारियां प्राप्त होगी।
इस अवसर पर डॉ. आबिद अली, डॉ. अभिनव, सुनिता, रितु, सचिन, राकेश, प्रिति, राहुल सहित करीब 100 विद्यार्थी उपस्थित रहे।
संतुलित भोजन, बेहतर नींद तथा ध्यान तनाव को कम करने में सहायकः लवलीना
कुवि में महिलाओं का पोषण एवं स्वास्थ्य विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
कुरुक्षेत्र, 24 मार्च। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में महिला अध्ययन शोध केन्द्र द्वारा सोमवार को महिलाओं का पोषण एवं स्वास्थ्य विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
केन्द्र की निदेशिका प्रो. अनीता दुआ ने सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा अच्छे स्वास्थ्य की उपयोगिता के बारे में बताया। उन्होंने कार्यशाला का उददेश्य बताते हुए कहा कि शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में अच्छे लाइफ स्टाइल एवं पोषण की अहम भूमिका है। इस कार्यशाला द्वारा विद्यार्थियों को एक ऐसा मंच प्रदान किया गया जहां वे अपने शारीरिक एंव मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों की चर्चा कर सकें तथा जीवन शैली में बदलाव हेतु बारीकियों को समझे।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में हार्टफुलनेस ध्यान प्रशिक्षिका एवं राज्य संयोजिका लवलीना, ने ‘इंटीग्रेटेड अप्रोच आफ मेडीटेशन’ पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि तनाव प्रबन्धन, रिकवरी, फिटनेस तथा पोषण अच्छे स्वास्थ्य की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि सम्मान को ठेस पहुंचना, कार्यक्षेत्र व व्यक्तिगत क्षेत्र में संतुलन न होना, व्यक्तिगत संबंध खराव होना, आर्थिक संकट आदि ऐसे कारक हैं जो सामान्य व्यक्ति के जीवन में तनाव उत्पन्न करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाकर, भोजन एवं पोषण को संतुलित करके, बेहतर नींद तथा ध्यान के माध्यम से तनाव को कम करते हैं। उन्होंने विचारों, शब्दों तथा व्यवहार में बदलाव लाने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
दूसरे सत्र में आई.आई.एच.एस. के बायोकेमिस्ट्री विभाग से प्रो. अश्वनी मित्तल ने जीवन शैली की बीमारियों एवं उसकी बायोकेमिस्ट्री पर व्याख्यान दिया। उन्होंने मोटापा, बी.एम.आर., बी.एम.आई. की चर्चा करते हुए कहा कि मोटापा बीमारियों की पहली सीढ़ी है। उन्होंने हृदय संबंधी बीमारियों, केंसर आदि को भी स्पष्ट किया तथा कहा कि भारत में खतरनाक तरीके से इसमें वृद्धि हो रही है।
इस कार्यक्रम में लगभग 80 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस अवसर पर डॉ. विनीत, डॉ. अनीता भटनागर, डॉ. पूनम, डॉ. वन्दना दवे, अन्नु रानी, राजेश, मनजीत, रविन्द्र, ज्योति आदि उपस्थित रहे।
कुवि के मुख्य सुरक्षा अधिकारी प्रो. अनिल गुप्ता की माता कृष्णा देवी की श्रद्धांजलि सभा 26 मार्च को
कुरुक्षेत्र, 24 मार्च। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी व आईआईएचएस के प्रो. अनिल गुप्ता जी की माता श्रीमती कृष्णा देवी जी (पत्नी स्व. श्री महावीर प्रसाद गुप्ता) का आकस्मिक निधन 18 मार्च को हो गया है। दिवंगत आत्मा की शांति हेतु हवन एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन 26 मार्च को धर्मशाला नजदीक रामलीला मैदान, गांव दौलताबाद, सेक्टर-106, गुरुग्राम में होगा।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा, कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पॉल, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. दिनेश कुमार, कुटा प्रधान डॉ. दलीप कुमार, सचिव प्रो. राजपाल, आईआईएचएस की प्राचार्या प्रो. रीटा, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया, उप-सुरक्षा अधिकारी डॉ. ज्ञान चहल सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों ने प्रो. अनिल गुप्ता की माता के निधन पर शोक प्रकट किया व अपनी संवेदनाएं व्यक्त की।
कुरुक्षेत्र, 24 मार्च। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में ललित कला विभाग द्वारा 19 से 23 मार्च तक आयोजित 29वीं वार्षिक कला प्रदर्शनी का सफल समापन रविवार को पंजाब ललित कला अकादमी, पंजाब कला भवन, चंडीगढ़ में हुआ।
प्रदर्शनी के समापन समारोह में प्रोफेसर उमेश शर्मा, डीन, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज चंडीगढ़ ने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनी छात्रों को अपनी कला को दुनिया के सामने लाने का एक शानदार अवसर प्रदान करती है, और इससे कला के प्रति समाज में जागरूकता और सराहना बढ़ती है।
ललित कला विभागाध्यक्ष डॉ गुरचरण सिंह ने बताया कि इस प्रदर्शनी में विभाग के छात्रों और वरिष्ठ कलाकारों द्वारा निर्मित विभिन्न कलाकृतियाँ प्रस्तुत की गईं, जिनमें चित्रकला, मूर्तिकला, ग्राफिक्स, और व्यवसायिक कला के अद्भुत उदाहरण शामिल थे। प्रदर्शनी ने न केवल कलाकारों की कला को एक मंच प्रदान किया, बल्कि यह कला क्षेत्र में नवाचार और सृजनात्मकता को भी बढ़ावा देने का एक उत्कृष्ट अवसर साबित हुआ।
इस अवसर पर शिक्षकगण डॉ मोनिका गुप्ता, सुशील रंगा, लवलीना सहित विभाग के शोधार्थी अनूप, नवेशा, देबदत्ता, विनोद, नितिन और अन्य विद्यार्थी उपस्थित रहें।
एनएसएस विशेष शिविर में स्वयंसेवकों ने किया भगत सिंह को याद
कुरुक्षेत्र, 24 मार्च। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना एनएसएस विशेष शिविर का चौथा दिन शहीद दिवस के रूप में मनाया गया। यह दिन भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की अमर शहादत को याद करने और उनके संघर्षों से प्रेरणा लेने के लिए समर्पित रहा। पूरे दिन विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें देशभक्ति, सामाजिक सेवा और व्यक्तिगत विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। मिर्जापुर गाँव के चौपाल में आयोजित शिविर की शुरुआत एनएसएस लक्ष्य गीत के साथ हुई। कई छात्रों ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदानों पर भावपूर्ण भाषण दिए।
तनु शर्मा द्वारा लोक नृत्य कार्यशाला में पंजाबी लोक नृत्य भांगड़ा का प्रशिक्षण दिया गया। मुख्य अतिथि प्रो. जसविंदर सिंह ने वित्तीय जागरूकता सेशन स्वतंत्रता, निवेश और समय प्रबंधन पर विस्तृत व्याख्यान दिया।
इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संदीप कुमार, डॉ. ज्योति, डॉ. वीर विकास, डॉ. कविता रानी मौजूद रहे ।
कुरुक्षेत्र, 24 मार्च। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में यूजीसी मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र द्वारा आयोजित 25वें ऑनलाइन राष्ट्रीय शिक्षा नीति अभिविन्यास और संवेदीकरण कार्यक्रम के पांचवें दिन डॉ. मेराज अहमद मुबार्की, एसोसिएट प्रोफेसर, पत्रकारिता और जनसंचार विभाग, मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय, हैदराबाद ने सूचना और संचार प्रौद्योगिकीः एमएस वर्ड में संदर्भ प्रणाली के उपयोग विषय पर चर्चा की। उन्होंने एमएस वर्ड के भीतर उद्धरणों को प्रभावी ढंग से सम्मिलित करने के तरीके पर मूल्यवान अंतर्दृष्टि और व्यावहारिक ज्ञान साझा किया। सत्र में संदर्भ प्रणाली का विस्तृत अवलोकन शामिल था।
दूसरे सत्र में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कम्प्यूटर विज्ञान और अनुप्रयोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार ने प्रकाश डाला कि सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) सूचना के निर्माण, भंडारण, साझाकरण और प्रबंधन के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरणों और संसाधनों की व्यापक श्रृंखला को संदर्भित करता है। इसमें कंप्यूटर, इंटरनेट और दूरसंचार प्रणाली जैसे आवश्यक घटक शामिल हैं, जो आधुनिक सूचना प्रसार और संचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अंजू बाला ने सम्मानित वक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम के आयोजन में मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र की निदेशक प्रोफेसर प्रीति जैन का सहयोग रहा।
टीबी की बीमारी के प्रति जागरूकता जरूरीः डॉ. आशीष अनेजा
कुरुक्षेत्र, 24 मार्च। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य सेंटर के एडमिनिस्ट्रेटर, गैपियो सदस्य, आरएसएसडीआई मेंबर एवं मेडिकल ऑफिसर डॉ. आशीष अनेजा ने कहा कि हर साल 24 मार्च को वर्ल्ड टीबी डे मनाया जाता है, ताकि लोगों को इस गंभीर बीमारी के बारे में जागरूक किया जा सके। डॉ. अनेजा ने बताया कि यह एक ऐसी बीमारी है जो हर साल लाखों लोगों को प्रभावित करती है और अगर समय पर इलाज न किया जाए, तो यह जानलेवा भी हो सकती है। टीबी जैसी बीमारी के प्रति आमजन में जागरूकता जरूरी है।
टीबी कई प्रकार की होती है। टीबी से बचने के लिए, टीबी के मरीजों से उचित दूरी बनाए रखें। टीबी के मुख्य लक्षणों को योग के माध्यम से कम किया जा सकता है