मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी घरौंडा स्थित इंडो-इजरायल सब्जी उत्कृष्टता केंद्र में आयोजित तीन दिवसीय मेगा सब्जी एक्सपो-2025 के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कर रहे थे संबोधित
मुख्यमंत्री ने घरौंडा स्थित इंडो-इजरायल सब्जी उत्कृष्टता केंद्र में सेमिनार हॉल व हास्टल का निर्माण करवाए जाने की घोषणा की
करनाल, 23 मार्च
– हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि हरियाणा सरकार किसानों की आय बढ़ाने के प्रति गंभीर है। किसानों के हित में अनेक योजनाएं शुरू की गई हैं। इस साल कृषि बजट में 19.2 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं को इजरायल भेजा जाएगा ताकि वे कृषि संबंधी नई तकनीकों से अवगत हो सकें। उन्होंने घरौंडा के इंडो-इजरायल सब्जी उत्कृष्टता केंद्र में हॉस्टल और सेमिनार हॉल बनवाने की घोषणा की और 74 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने शहीदी दिवस पर क्रांतिकारी वीर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की शहादत पर उन्हें नमन किया। साथ ही ‘हरियाणा बागवानी’ पत्रिका का विमोचन किया व किसानों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री आज घरौंडा के इंडो-इजरायल सब्जी उत्कृष्टता केंद्र में आयोजित तीन दिवसीय 11वें मेगा सब्जी एक्सपो 2025 के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि किसान हरियाणा की शान हैं। किसानों ने परंपरागत फसल चक्र से निकलकर फलों व सब्जियों की खेती तथा मधुमक्खी पालन में नवाचार व आधुनिक तकनीकों के माध्यम से उत्पादन बढ़ाकर एक मिसाल कायम की है। मेगा सब्जी एक्सपो-2025 हमारे किसानों के लिए कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त करने का महत्वपूर्ण मंच है। इस तीन दिवसीय एक्सपो में किसानों को बागवानी, सब्जी उत्पादन और मधुमक्खी पालन से जुड़ी नई तकनीकों, उन्नत किस्मों और आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी मिलने के साथ-साथ कई समस्याओं का समाधान मिला है और नई संभावनाओं के बारे में भी पता चला है।

बजट में खेती पशुपालन व बागवानी को दी है विशेष तरजीह
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान हितैषी है। किसानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई गई है। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए हरियाणा के बजट 2025-26 में कृषि के बजट में 19.2 प्रतिशत बढ़ोतरी की है। पशुधन के लिए बजट में 50.91 प्रतिशत, बागवानी में 95.5 प्रतिशत, मत्स्य का 144.4 प्रतिशत और सहकारिता का 58.8 प्रतिशत बढ़ाया है। प्रदेश सरकार ने पिछले साढ़े 10 वर्षों में किसानों को भावांतर भरपाई योजना के तहत 14500 रुपये दिए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि किसान खुशहाल हो।

देसी गाय की खरीद के लिए अनुदान राशि 25 हजार से बढ़ाकर की 30 हजार रुपये

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने 2025-26 के बजट में देसी गाय की खरीद के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि को 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने का प्रस्ताव किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के Per Drop-More Crop की अवधारणा पर चलते हुए किसान बहुमूल्य पानी की बचत करने के लिए ड्रिप सिंचाई, फव्वारा सिंचाई व मल्चिंग का भी प्रयोग कर रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि किसानों को खेती प्रक्रिया में हर कदम पर मदद मिले, यानि बुवाई से पहले और बुवाई के बाद भी और फसल कटाई के बाद भी। इसी सोच पर चलते हुए सरकार कई तरह की रियायतें व सुविधाएं दे रही है।

प्रदेश में 140 फल एवं सब्जी संग्रह एवं पैक हाऊस किए जा रहे हैं स्थापित

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बागवानी क्षेत्र को बढ़ाने के लिए बागवानी फसल क्लस्टर विकास कार्यक्रम के तहत 510 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत से 140 फल एवं सब्जी संग्रह एवं पैक हाऊस स्थापित किए जा रहे हैं। प्रत्येक क्लस्टर में 300 किसान सदस्यों के साथ एक एफ.पी.ओ का गठन व एकीकृत पैक हाउस स्थापित किया जा रहा है। फलों के बाग लगाने पर प्रति एकड़ लागत का 50 प्रतिशत से लेकर 85 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। सब्जियों की खेती के एकीकृत मॉडल पर 50 प्रतिशत से लेकर 85 तक तथा मशरूम की खेती के लिए भी 40 प्रतिशत से लेकर 85 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।

प्रदेश के युवा इजरायल से सीखेंगे खेती के टिप्स
उन्होंने कहा कि इजरायल और हरियाणा की जलवायु और भूमि में अनेक समानताएं हैं। वहां की टेक्नोलॉजी हमारे लिए सबसे अधिक उपयोगी है। इसलिए हम प्रदेश में फलों, सब्जियों व फूलों की खेती तथा मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में इजरायल की तकनीकों को अपना रहे हैं। हरियाणा के स्किल युवाओं को इजरायल भेजा गया है। वहां से युवा खेती के टिप्स सीखेंगे और वे प्रदेश में आकर खेती करेंगे तो उनका लाभ मिलेगी। प्रदेश में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए इजरायल के सहयोग से रामनगर, कुरुक्षेत्र में एकीकृत मधुमक्खी विकास केंद्र स्थापित किया गया है। गन्नौर में 2600 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय फल एवं सब्जी मंडी बनाई जा रही है। इसके अतिरिक्त, पिंजौर में सेब मंडी, गुरुग्राम में फूल मंडी और सोनीपत में मसाला मंडी स्थापित की जा रही हैं। बागवानी को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 11 उत्कृष्टता केंद्र कार्य कर रहे हैं और 3 अन्य केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। आगामी वित्त वर्ष में अंबाला में लीची के लिए, यमुनानगर में स्ट्रॉबेरी के लिए और हिसार में खजूर के लिए तीन नए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का सरकार का प्रस्ताव है। खेती में ड्रोन जैसी उन्नत तकनीक का उपयोग करने के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ‘नमो ड्रोन दीदी’ योजना शुरू की है। हमने हरियाणा में इस योजना को लागू करते हुए 100 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया है।

उत्कृष्टता केंद्र में लघु अवधि के कोर्स शुरू हों- हरविंद्र कल्याण

हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने कहा कि पानी के अत्यधिक दोहन से भूजल स्तर घट रहा है। पेड़ों की संख्या घट रही है जो चिंता का विषय है। भविष्य की इन चुनौतियों का सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि यहां के इंडो-इजरायल उत्कृष्टता केंद्र में और अधिक शिक्षित युवाओं को लघु अवधि के प्रशिक्षण देने की जरूरत है। जब तकनीक घर-घर तक पहुंचेगी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के सपना साकार होने में देर नहीं लगेगी। श्री कल्याण ने कहा कि सत्ता का मतलब समाज सेवा है। सरकार भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए किसानों की आय बढ़ाने के लिये हर संभव प्रयास कर रही है।

बदलाव के साथ चलें किसान: कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा
इस मौके पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि बढ़ती आबाद के कारण जमीन सीमित होती जा रही है। बदलते वातावरण में किसानों को परिवर्तन के साथ चलना होगा। सरकार किसानों की मदद के लिये तैयार है। उन्होंने कहा कि बदलती परिस्थितियों में वैश्विक तरीके से खेती करनी है। भारत कृषि प्रधान देश है। यहां की जमीन उपजाऊ है। सरकार ने इस साल बागवानी बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में हरियाणा के योगदान को बढ़ाया जाना चाहिये। किसानों से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का पूरा फायदा उठाने की अपील की।

प्रदेश सरकार द्वारा बागवानी के लिए चलाई जा रही हैं विभिन्न योजनाएं : राजा शेखर वुंडरू
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजा शेखर वुंडरू ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बागवानी क्षेत्र की ओर विशेष ध्यान दे रहे हैं। बजट सत्र 2025-26 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा बागवानी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। इसके साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा बागवानी के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं के चलते हरियाणा में कृषि क्षेत्र बागवानी की ओर प्रगति कर रहा है। बागवानी को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा करनाल में महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है। उन्होंने मेले में आए किसानों का आह्वान किया कि वे मेले से नई तकनीक सीख कर जाएं और उनका कृषि क्षेत्र में प्रयोग कर भरपूर लाभ उठाएं।

इस मौके पर असंध के विधायक योगेंद्र राणा, करनाल के विधायक जगमोहन आनंद, भारत में इजरायल के राजदूत फरेस सईब, चार्ज डी अफेयर्स, अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. राजा शेखर वुंडरू, एमएचयू के कुलपति डा. एसके मल्होत्रा, सीएम के अतिरिक्त निजी सचिव डा. साकेत कुमार, उपायुक्त उत्तम सिंह, पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया, नगर निगम आयुक्त वैशाली शर्मा,  उद्यान विभागाध्यक्ष डा. अर्जुन सिंह सैनी, महानिदेशक डा. रणबीर सिंह, जिला भाजपा अध्यक्ष प्रवीण लाठर, भाजपा के पूर्व जिला कार्यकारी अध्यक्ष बृज गुप्ता, एसडीएम घरौंडा राजेश सोनी, बागवानी के एडिशनल डायरेक्टर धर्म सिंह यादव, जॉइंट डायरेक्टर सुधीर यादव व मनोज कुंडू, डिप्टी डायरेक्टर डॉ. बिल्लू यादव सहित विभाग के अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में ये किसान हुए सम्मानित

सब्जी उत्पादन में सर्वश्रेष्ठ खेती करने वाले किसानों को मुख्यमंत्री द्वारा प्रशंसा पत्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया है। इन पुरस्कारों में किसान सुरजीत राम को प्रथम, अम्बाला, राम करन, अम्बाला को द्वितीय, कुलबीर सिंह, कुरुक्षेत्र को प्रथम, प्रिंस कुमार, कुरूक्षेत्र को द्वितीय, युरेन्दर काजल, करनाल को प्रथम, संकल्प, करनाल को द्वितीय, डॉ. जयपाल, पानीपत को प्रथम, राम प्रताप, पानीपत को द्वितीय रवि प्रकाश, सोनीपत को प्रथम, अनिल हुडा, सोनीपत को द्वितीय, संजय कुमार, गुरूग्राम को प्रथम, इंद्राज, गुरूग्राम को द्वितीय, विजय कुमार, यमुनानगर को प्रथम, पूजा, कैथल को प्रथम, महावीर, फतेहाबाद प्रथम, इंदर सिंह, चरखी दादरी को प्रथम, रविंदर, चरखी दादरी को द्वितीय, दीपक, रोहतक को प्रथम, हरिभगवान, रोहतक को द्वितीय, रमेश कुमार, झज्जर को प्रथम, शमशेर, झज्जर को द्वितीय, सूबे सिंह, रेवाड़ी को प्रथम, वीरेंद्र , रेवाड़ी को द्वितीय, धर्मपाल, नारनौल को प्रथम, बलबीर, नारनौल को द्वितीय, विनोद कुमार, भिवानी को प्रथम, प्रवीण, भिवानी को द्वितीय, जय नारायण, सिरसा को प्रथम, गुरप्रीत, सिरसा को द्वितीय, महेंद्र सिंह, हिसार को प्रथम, सुरेश कुमार, हिसार को द्वितीय, दिनेश कुमार, नूहं को प्रथम, रसीद, नूहं को द्वितीय, संजीव, फरीदाबाद को प्रथम व जींद से मंजीत को प्रथम, एवं सुरेंद्र को द्वितीय शामिल रहे।
इसके अतिरिक्त बागवानी से सम्बन्धित विभिन्न क्षेत्रों में पुरस्कार प्राप्त करने में अन्य किसान भी शामिल रहे-जैविक/प्राकृतिक खेती में रेवाड़ी के संजय यादव को प्रथम पुरस्कार, पलवल के बलराम कों द्वितीय पुरस्कार दिया गया। संरक्षित खेती में पानीपत के सतबीर को प्रथम पुरस्कार, झज्जर के विक्रम सिंह को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रसंस्करण इकाई में नारनौल से बनारसी देवी को प्रथम, रेवाड़ी के खुशी एग्रो को द्वितीय पुरस्कार, इसके अतिरिक्त किसान उत्पादक समूह (एफ0पी0ओ0) कुरुक्षेत्र के सोढी बुद्धा (एफ0पी0ओ0) को प्रथम पुरस्कार, यमुनानगर के सिलीकलां को द्वितीय पुरस्कार, मशरूम उत्पादन में नारनौल के योगिन्द्र कुमार को प्रथम, सोनीपत से सोनिया को द्वितीय, रेवाड़ी के रितिक यादव को द्वितीय एवं पंचकूला से विरेन्द्र को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

बम्बर पुरस्कार योजना के तहत इन किसानों ने जीते पुरस्कार
स्प्रेपंप विजेताओं में सोनीपत से किसान हरिओम, जींद से जसमेर, पंचकूला से सतपाल, पानीपत से जतिन व अनिकता, करनाल से कृष्ण व फुलसिंह, सिरसा से बलवान तथा झज्जर से विरेन्द्र शामिल हैं। इसी प्रकार से पावर वीडर का पुरस्कार हिसार के यधुवीर ने तथा मिनी ट्रैक्टर करनाल के रिंकू पाल ने जीता। उक्त सभी पुरस्कार लक्की ड्रॉ के माध्यम से निकाले गए। पुरस्कार विजेताओं को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुभकामनाएं दीं और कहा कि दूसरे किसान भाईयों को बागवानी के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करें ताकि दूसरे किसानों को भी इस प्रकार के आयोजन में सम्मानित होने का मौका मिले।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *