वायु प्रदूषण व जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए चलाया जागरूकता अभियान
कुरूक्षेत्र, 19 मार्च। निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं एवं सिविल सर्जन डॉ. सुखवीर सिंह ने कहा कि विभिन्न स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम, सर्पदश रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम तथा जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत  प्रशिक्षण एवं जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारी जिले के 27 स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सा अधिकारियों, नर्सिंग अधिकारियों एवं फार्मेसी अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण एवं जागरुकता अभियान आयोजित किए गए। कुत्ते के काटने के घाव को धोने के लिए बहते पानी एवं साबुन से युक्त कार्यशील वाउंड वॉशिंग रूम की स्थापना की गई। रेबीज रोधी टीका (एआरवी) सभी स्वास्थ्य संस्थानों (पीएचसी स्तर तक) में इंजेक्शन उपलब्ध है और आरवी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई। रेबीज रोधी सीरम की जिला नागरिक अस्पताल में इंजेक्शन उपलब्ध है।
सिविल सर्जन डॉ. सुखवीर सिंह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए सभी 27 स्वास्थ्य संस्थानों एवं लगभग 117 स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों, स्वास्थ्य उपकेंद्रों में व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग अधिकारी फार्मेसी अधिकारी स्वास्थ्य निरीक्षक, महिला स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, आशा कार्यकर्ता एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी शामिल रहे। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित विषयों पर ध्यान केंद्रित करना था। हीट स्ट्रोक की रोकथाम: सभी स्वास्थ्य केंद्रों में हीट स्ट्रोक के लिए समर्पित वेड आवश्यक दवाओं एवं उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई।
उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण, जनित बीमारियों, वायु प्रदूषण, मौसम से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया। संबंधित रोगों की तैयारी, वायु प्रदूषण, जल जनित रोग, वेक्टर जनित रोग आदि से बचाव हेतु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया गया। अग्नि सुरक्षा एवं ऊर्जा संरक्षण गर्मियों में आग लगने की घटनाओं की रोकथाम एवं ऊर्जा संरक्षण पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित स्वास्थ्य सेवाएं सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन, पौधारोपण एवं पराली जलाने से होने वाले दुष्प्रभाव पर विशेष ध्यान दिया गया।

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