समारोह की तैयारियों को लेकर गीता मनीषी ने ली प्रमुख संस्थाओं की बैठक
सनातन संस्कृति का गौरव है नवसंवत : गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद
डॉ. राजेश वधवा
कुरुक्षेत्र। सनातन संस्कृति के गौरव नवसंवत के अवसर पर 30 मार्च को श्री कृष्ण कृपा जीओ गीता परिवार द्वारा ब्रह्मसरोवर के मध्य पुरुषोत्तम पुरा में नगर की प्रमुख संस्थाओं के सहयोग से नवसंवत अभिनंदन समारोह गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी के सानिध्य में श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम को नगर की प्रमुख सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक और व्यापारिक संस्थाएं संयुक्त रूप से मिलकर मनाएंगी। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर आज गीता ज्ञान संस्थानम में गीता मनीषी की अध्यक्षता में नगर की प्रमुख संस्थाओं के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ-साथ नगर के प्रतिष्ठित गणमान्य लोगों तथा अनेक नवनिर्वाचित पार्षदों ने भी भाग लिया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी संस्थाएं नवसंवत अभिनंदन समारोह में सहयोग देगी। नगर के प्रमुख चौराहों को सजाया जाएगा। नवसंवत अभिनंदन समारोह को भव्य तरीके से आयोजित करने में सभी संस्थाओं ने सहयोग करने का आश्वासन दिया। नगर को धर्म ध्वजा तथा तोरण द्वारों से दुल्हन की तरह सजाया जाएगा। इस कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार की जिम्मेवारी संस्थाओं ने संभाली है।
गीता मनीषी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि आज पाश्चात्यकरण के कारण हमारी परंपराओं पर आवरण आ गया है, उसका प्रभाव भी पड़ रहा है। आने वाली पीढ़ी को अपनी मूल सनातन परंपराओं का ज्ञान करवाने के लिए जीओ गीता ने नववर्ष अभिनंदन समारोह मनाने का फैसला लिया है। नवसंवत के प्रति जागरूकता लाना जरूरी है। इसलिए यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। आज अंग्रेजी नववर्ष 1 जनवरी को तो लोग मनाते है, लेकिन सनातन परंपरा के नववर्ष का ज्ञान होना भी जरूरी है। गीता मनीषी ने बताया कि नववर्ष अभिनंदन समारोह के उपलक्ष्य में 26 मार्च से 30 मार्च तक करनाल में भी 108 कुंडीय यज्ञ आयोजित किया जाएगा।
गीता ज्ञान संस्थानम के मीडिया प्रभारी रामपाल शर्मा ने बताया कि 30 मार्च को नवसंवत के आगमन पर साढ़े चार बजे गीता ज्ञान संस्थानम परिसर में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी के कर कमलों से ध्वजारोहण होगा और उसके पश्चात गीता मनीषी के सानिध्य में श्रद्धालु पैदल चलकर पुरुषोत्तम पुरा में पहुंचेंगे, जहां पर साढ़े पांच बजे गीता पाठ, हनुमान चालीसा का पाठ होगा और गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज आर्शीवचन देंगे। आरती पश्चात भजन संध्या आयोजित की जाएगी और श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था होगी।
फोटो कैप्शन
नवसंवत अभिनंदन समारोह की तैयारियों को लेकर संस्थाओं के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज

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