केयू पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग द्वारा शोध प्रस्तुति को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
कुरुक्षेत्र, 25 फरवरी। विकसित भारत 2047 में शोध एवं अनुसंधान की महत्वपूर्ण भूमिका है क्योंकि शोध एवं अनुसंधान के आधार पर किसी भी राष्ट्र में नवाचार, उद्यमिता, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास के साथ-साथ समावेशी विकास के ढांचे को मजबूत किया जा सकता है। शोध एवं अनुसंधान को बढ़ावा देना कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। यह विचार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने मंगलवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग द्वारा ‘शोध प्रस्तुति’ विषय पर केयू फैकल्टी लॉज में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में बतौर मुख्यातिथि व्यक्त किए। इस अवसर पर कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती के समक्ष दीप दान कर किया गया।
कुवि कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को उपयोग अनुसंधान में डेटा का विश्लेषण करने, लेखन को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है। उन्होंने शोधार्थियों से जय अनुसंधान का आह्वान करते हुए कहा कि वे गुणवत्तापूर्ण शोध कार्यों के लिए संदर्भों की अच्छी प्रकार से लिखे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि समीक्षा साहित्य में अंतर भी नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी शोधार्थी किसी वाईवा या पीएचडी में अपने शोध को प्रस्तुत करें तब विषय विशेषज्ञ के समक्ष उसे कहानी के रूप में प्रस्तुत करें ताकि सामने वाला विशेषज्ञ किए गए शोध कार्यों को अच्छी प्रकार से जान सकें।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज जोशी ने मुख्य अतिथि कुवि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा का स्वागत करते हुए कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने शोधार्थियों से शोध प्रस्तुति में अच्छी प्रकार से प्रस्तुत करने की बात कही। उन्होंने बताया कि तीन सत्रों में आयोजित होने वाली कार्यशाला में 125 शोधार्थियों ने पंजीकरण करवाया है। वहीं विभाग के प्रो. संजीव शर्मा ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में मंच का संचालन डॉ. अंजली अग्रवाल ने किया।
इस मौके पर डीन प्रो. पुष्पा रानी, दिल्ली यूनिवर्सिटी से रिसोर्स पर्सन डॉ. आशीष बिश्वास, डॉ. आरके भारद्वाज, केन्द्रीय विश्वविद्यालय से डॉ. श्रीराम पांडे, प्रो. मनोज जोशी, प्रो. संजीव शर्मा, डॉ. डीके गुप्ता, डॉ. जोगिन्द्र सिंह, प्रो. जीपी दुबे, डॉ. अंजली अग्रवाल, डॉ. संजय कौशिक, डॉ. हरदीप जोशी, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. अंकेश्वर प्रकाश, डॉ. अनिल शर्मा सहित शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
कुरुक्षेत्र, 25 फरवरी। विकसित भारत 2047 में शोध एवं अनुसंधान की महत्वपूर्ण भूमिका है क्योंकि शोध एवं अनुसंधान के आधार पर किसी भी राष्ट्र में नवाचार, उद्यमिता, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास के साथ-साथ समावेशी विकास के ढांचे को मजबूत किया जा सकता है। शोध एवं अनुसंधान को बढ़ावा देना कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। यह विचार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने मंगलवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग द्वारा ‘शोध प्रस्तुति’ विषय पर केयू फैकल्टी लॉज में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में बतौर मुख्यातिथि व्यक्त किए। इस अवसर पर कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती के समक्ष दीप दान कर किया गया।
कुवि कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को उपयोग अनुसंधान में डेटा का विश्लेषण करने, लेखन को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है। उन्होंने शोधार्थियों से जय अनुसंधान का आह्वान करते हुए कहा कि वे गुणवत्तापूर्ण शोध कार्यों के लिए संदर्भों की अच्छी प्रकार से लिखे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि समीक्षा साहित्य में अंतर भी नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी शोधार्थी किसी वाईवा या पीएचडी में अपने शोध को प्रस्तुत करें तब विषय विशेषज्ञ के समक्ष उसे कहानी के रूप में प्रस्तुत करें ताकि सामने वाला विशेषज्ञ किए गए शोध कार्यों को अच्छी प्रकार से जान सकें।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज जोशी ने मुख्य अतिथि कुवि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा का स्वागत करते हुए कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने शोधार्थियों से शोध प्रस्तुति में अच्छी प्रकार से प्रस्तुत करने की बात कही। उन्होंने बताया कि तीन सत्रों में आयोजित होने वाली कार्यशाला में 125 शोधार्थियों ने पंजीकरण करवाया है। वहीं विभाग के प्रो. संजीव शर्मा ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में मंच का संचालन डॉ. अंजली अग्रवाल ने किया।
इस मौके पर डीन प्रो. पुष्पा रानी, दिल्ली यूनिवर्सिटी से रिसोर्स पर्सन डॉ. आशीष बिश्वास, डॉ. आरके भारद्वाज, केन्द्रीय विश्वविद्यालय से डॉ. श्रीराम पांडे, प्रो. मनोज जोशी, प्रो. संजीव शर्मा, डॉ. डीके गुप्ता, डॉ. जोगिन्द्र सिंह, प्रो. जीपी दुबे, डॉ. अंजली अग्रवाल, डॉ. संजय कौशिक, डॉ. हरदीप जोशी, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. अंकेश्वर प्रकाश, डॉ. अनिल शर्मा सहित शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
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एआई, शोध में संदर्भ व समीक्षा साहित्य को लेकर किए विचार साझा
कार्यशाला में दिल्ली यूनिवर्सिटी से रिसोर्स पर्सन डॉ. आशीष बिश्वास ने शोधार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में बताया कि एआई के शोध कार्यों संबंधी डेटा एवं प्रवृत्तियों का शीघ्रता के साथ विश्लेषण किया जा सकता है। वहीं दूसरे रिसोर्स पर्सन डॉ. आरके भारद्वाज ने शोध में संदर्भों की उपयोगिता के बारे में जानकारी साझा की। इसके साथ ही केन्द्रीय विश्वविद्यालय से डॉ. श्रीराम पांडे ने शोध में साहित्य समीक्षा के अंतराल को कम करने की बात कही।
एआई, शोध में संदर्भ व समीक्षा साहित्य को लेकर किए विचार साझा
कार्यशाला में दिल्ली यूनिवर्सिटी से रिसोर्स पर्सन डॉ. आशीष बिश्वास ने शोधार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में बताया कि एआई के शोध कार्यों संबंधी डेटा एवं प्रवृत्तियों का शीघ्रता के साथ विश्लेषण किया जा सकता है। वहीं दूसरे रिसोर्स पर्सन डॉ. आरके भारद्वाज ने शोध में संदर्भों की उपयोगिता के बारे में जानकारी साझा की। इसके साथ ही केन्द्रीय विश्वविद्यालय से डॉ. श्रीराम पांडे ने शोध में साहित्य समीक्षा के अंतराल को कम करने की बात कही।
केयू जनसंचार के पूर्व विद्यार्थी मनीष कुमार व आर्य ने उत्तीर्ण की यूजीसी -जेआरएफ की परीक्षा
कुरुक्षेत्र, 25 फरवरी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के पूर्व विद्यार्थी मनीष कुमार व आर्य ने यूजीसी जेआरएफ की परीक्षा उत्तीर्ण की है। यह जानकारी जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अभिनव ने दी। डॉ. अभिनव ने बताया कि मनीष कुमार ने संस्थान से एम.ए. मॉस कम्युनिकेशन वर्ष 2021 से वर्ष 2023 में तथा आर्य ने सत्र 2022-24 के एमए मास कम्यूनिकेशन उत्तीर्ण किया था। मनीष कुमार व आर्य बेहद लग्नशील विद्यार्थी रहे है जिसके बलबूते उन्होंने पाठ्यक्रम उत्तीर्ण करने के बाद यूजीसी जेआरएफ की परीक्षा उत्तीर्ण की है यह उनकी अथक मेहनत का ही नतीजा है।
इस अवसर पर जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रोफेसर महासिंह पूनिया ने कहा कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण भविष्य का निर्माण करना है जिसे वे अपने परिवार संस्थान, और विश्वविद्यालय का नाम रोशन कर सके। उन्होंने कहा कि संस्थान के सभी पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत संचालित है जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगारपरक बनाना है जिससे वे सशक्त राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर सके।
इस अवसर मनीष कुमार व आर्य ने अपने यूजीसी जेआरएफ की परीक्षा उत्तीर्ण का श्रेय संस्थान के समस्त शिक्षकों, कर्मचारियों, मित्रों और अपने परिवारजन को दिया है।
इस अवसर मनीष कुमार व आर्य ने अपने यूजीसी जेआरएफ की परीक्षा उत्तीर्ण का श्रेय संस्थान के समस्त शिक्षकों, कर्मचारियों, मित्रों और अपने परिवारजन को दिया है।
कैम्पस प्लेसमेंट ड्राइव में 15 विद्यार्थियों का हुआ चयन, कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने दी बधाई
कुरुक्षेत्र, 25 फरवरी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशिक्षण, प्रशिक्षुता और रोजगार केन्द्र द्वारा आयोजित कैम्पस प्लैसमेंट ड्राइव में 15 विद्यार्थियों का चयन हुआ। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई दी व उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
केन्द्र के कोर्डिनेटर डॉ. महेन्द्र सिंह ने बताया कि देश की जानी-मानी कंपनी आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस द्वारा विश्वविद्यालय के एमबीए विद्यार्थियों के लिए प्लेसमेंट शिविर आयोजित किया गया जिसमें यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट तथा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजेंट के लगभग 60 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कम्पनी की एचआर हेड जसप्रीत कौर ने अपनी टीम के साथ विश्वविद्यालय का दौरा किया और सबसे पहले विद्यार्थियों को कंपनी के विषय में जानकारी दी गई तथा विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर दिए। इसके बाद छात्र-छात्राओं की परिचर्चा आयोजित की गई जिसमें से 25 विद्यार्थियों का व्यक्तिगत साक्षात्कार लिया गया और साक्षात्कार के बाद 15 विद्यार्थियों का चयन कंपनी के सहायक मैनेजर के रूप में किया गया। चयनित विद्यार्थियों में नंदिनी, ओम, मिहिर, जिया राणा, शगुन, समित, राहुल, यशु, अभिषेक, तिषा, विपिन, नवनीत, जानवी, यश, पंकज नरवाल शामिल हैं। इनमें 13 विद्यार्थी एमबीए दो वर्ष से और 2 विद्यार्थी एमबीए पांच वर्ष से हैं।
चयनित विद्यार्थियों को 4.5 लाख वार्षिक वेतन मिलेगा। इसके अलावा कंपनी की तरफ से अन्य सुविधाएं भी विद्यार्थियों को मिलेंगी। ये विद्यार्थी अपनी अन्तिम परीक्षा के बाद जून या जुलाई 2025 में कंपनी में ज्वाइन करेंगे। डॉ. महेन्द्र सिंह ने बताया कि इससे पहले भी एमबीए के लगभग 20 विद्यार्थियों का चयन विभिन्न कंपनियों में हो चुका है और कम्पनियों का विद्यार्थियों की प्लेसमेंट के लिए आना जारी है।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पॉल, यूएसएम विभागाध्यक्ष प्रो. सुशील शर्मा, आईएमएस के निदेशक प्रो. अनिल मित्तल व प्रो. जसविन्द्र कुमार ने चयनित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी व प्रसन्नता प्रकट की। डॉ.अजय सोलखे और डॉ. जयकिशन चंदेल ने प्लेसमेंट प्रक्रिया में सहयोग किया।
कुरुक्षेत्र, 25 फरवरी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशिक्षण, प्रशिक्षुता और रोजगार केन्द्र द्वारा आयोजित कैम्पस प्लैसमेंट ड्राइव में 15 विद्यार्थियों का चयन हुआ। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई दी व उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
केन्द्र के कोर्डिनेटर डॉ. महेन्द्र सिंह ने बताया कि देश की जानी-मानी कंपनी आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस द्वारा विश्वविद्यालय के एमबीए विद्यार्थियों के लिए प्लेसमेंट शिविर आयोजित किया गया जिसमें यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट तथा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजेंट के लगभग 60 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कम्पनी की एचआर हेड जसप्रीत कौर ने अपनी टीम के साथ विश्वविद्यालय का दौरा किया और सबसे पहले विद्यार्थियों को कंपनी के विषय में जानकारी दी गई तथा विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर दिए। इसके बाद छात्र-छात्राओं की परिचर्चा आयोजित की गई जिसमें से 25 विद्यार्थियों का व्यक्तिगत साक्षात्कार लिया गया और साक्षात्कार के बाद 15 विद्यार्थियों का चयन कंपनी के सहायक मैनेजर के रूप में किया गया। चयनित विद्यार्थियों में नंदिनी, ओम, मिहिर, जिया राणा, शगुन, समित, राहुल, यशु, अभिषेक, तिषा, विपिन, नवनीत, जानवी, यश, पंकज नरवाल शामिल हैं। इनमें 13 विद्यार्थी एमबीए दो वर्ष से और 2 विद्यार्थी एमबीए पांच वर्ष से हैं।
चयनित विद्यार्थियों को 4.5 लाख वार्षिक वेतन मिलेगा। इसके अलावा कंपनी की तरफ से अन्य सुविधाएं भी विद्यार्थियों को मिलेंगी। ये विद्यार्थी अपनी अन्तिम परीक्षा के बाद जून या जुलाई 2025 में कंपनी में ज्वाइन करेंगे। डॉ. महेन्द्र सिंह ने बताया कि इससे पहले भी एमबीए के लगभग 20 विद्यार्थियों का चयन विभिन्न कंपनियों में हो चुका है और कम्पनियों का विद्यार्थियों की प्लेसमेंट के लिए आना जारी है।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पॉल, यूएसएम विभागाध्यक्ष प्रो. सुशील शर्मा, आईएमएस के निदेशक प्रो. अनिल मित्तल व प्रो. जसविन्द्र कुमार ने चयनित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी व प्रसन्नता प्रकट की। डॉ.अजय सोलखे और डॉ. जयकिशन चंदेल ने प्लेसमेंट प्रक्रिया में सहयोग किया।
दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल देखभाल प्रदान करनी जरूरीः संतोष कुमार
कुवि के वाणिज्य विभाग में प्राथमिक चिकित्सा पर लेक्चर आयोजित
कुरुक्षेत्र, 25 फरवरी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग द्वारा प्राथमिक चिकित्सा पर एक लेक्चर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में यूथ रेड क्रॉस, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से संतोष कुमार और भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, कुरुक्षेत्र से किरण कश्यप उपस्थित रहे। वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष डॉ. महाबीर नरवाल ने अतिथियों का स्वागत किया।
संतोष कुमार ने कहा कि दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल देखभाल प्रदान करनी जरूरी है। उन्होंने एबीसीडी (हवा, सांस की जांच, रोगी की देखभाल, और अस्पताल में निपटान) और 3 सी नियम (कॉल, कवर और देखभाल) जैसे महत्वपूर्ण नियमों पर प्रकाश डाला। संतोष कुमार ने उन लक्षणों पर भी चर्चा की जिनके लिए तत्काल सीपीआर की आवश्यकता होती है, जैसे कार्डियक अरेस्ट, डूबना और बिजली का झटका।
किरण कश्यप ने सीपीआर प्रशासन और एबीपीवी नियम (वायु, सांस, दर्द, आवाज) सहित प्राथमिक चिकित्सा तकनीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करते समय बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों, जैसे दस्ताने पहनना और मास्क का उपयोग करने पर भी चर्चा की।
छात्रों ने एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने में गहरी रुचि दिखाई, जिनमें से कई ने प्राथमिक चिकित्सा में व्यावहारिक कौशल हासिल करने की इच्छा व्यक्त की। लेक्चर एक प्रश्नोत्तर सत्र के साथ संपन्न हुआ, जहां छात्रों ने कई प्रश्न पूछे।
कुवि के वाणिज्य विभाग में प्राथमिक चिकित्सा पर लेक्चर आयोजित
कुरुक्षेत्र, 25 फरवरी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग द्वारा प्राथमिक चिकित्सा पर एक लेक्चर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में यूथ रेड क्रॉस, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से संतोष कुमार और भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, कुरुक्षेत्र से किरण कश्यप उपस्थित रहे। वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष डॉ. महाबीर नरवाल ने अतिथियों का स्वागत किया।
संतोष कुमार ने कहा कि दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल देखभाल प्रदान करनी जरूरी है। उन्होंने एबीसीडी (हवा, सांस की जांच, रोगी की देखभाल, और अस्पताल में निपटान) और 3 सी नियम (कॉल, कवर और देखभाल) जैसे महत्वपूर्ण नियमों पर प्रकाश डाला। संतोष कुमार ने उन लक्षणों पर भी चर्चा की जिनके लिए तत्काल सीपीआर की आवश्यकता होती है, जैसे कार्डियक अरेस्ट, डूबना और बिजली का झटका।
किरण कश्यप ने सीपीआर प्रशासन और एबीपीवी नियम (वायु, सांस, दर्द, आवाज) सहित प्राथमिक चिकित्सा तकनीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करते समय बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों, जैसे दस्ताने पहनना और मास्क का उपयोग करने पर भी चर्चा की।
छात्रों ने एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने में गहरी रुचि दिखाई, जिनमें से कई ने प्राथमिक चिकित्सा में व्यावहारिक कौशल हासिल करने की इच्छा व्यक्त की। लेक्चर एक प्रश्नोत्तर सत्र के साथ संपन्न हुआ, जहां छात्रों ने कई प्रश्न पूछे।
प्रो. पुष्पा रानी को मिला लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड
कुरुक्षेत्र, 25 फरवरी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग की प्रोफेसर एवं अधिष्ठात्री डीन कला एवं संकाय विभाग प्रो. पुष्पा रानी को शिकागो ओपन यूनिवर्सिटी अमेरिका के वाइस चांसलर एवं चीन के राजदूत द्वारा लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया। यह कार्यक्रम दिल्ली के तीन मूर्ति भवन प्रधानमंत्री संग्रहालय में आयोजित किया गया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की अधिष्ठात्री प्रो. पुष्पा रानी को यह अवार्ड उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए सम्मानित किया गया। अवार्ड प्राप्त करने पर प्रोफेसर पुष्पा रानी ने कहा कि यह पुरस्कार केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं बल्कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय परिवार के स्नेह का परिणाम है।
कुरुक्षेत्र, 25 फरवरी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग की प्रोफेसर एवं अधिष्ठात्री डीन कला एवं संकाय विभाग प्रो. पुष्पा रानी को शिकागो ओपन यूनिवर्सिटी अमेरिका के वाइस चांसलर एवं चीन के राजदूत द्वारा लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया। यह कार्यक्रम दिल्ली के तीन मूर्ति भवन प्रधानमंत्री संग्रहालय में आयोजित किया गया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की अधिष्ठात्री प्रो. पुष्पा रानी को यह अवार्ड उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए सम्मानित किया गया। अवार्ड प्राप्त करने पर प्रोफेसर पुष्पा रानी ने कहा कि यह पुरस्कार केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं बल्कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय परिवार के स्नेह का परिणाम है।
केयू विधि संस्थान के पूर्व छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड परीक्षा 2024 की पास
कुरुक्षेत्र, 25 फरवरी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पंचवर्षीय विधि संस्थान के पूर्व छात्र ध्रुव द्विवेदी, विदुषी शर्मा एवं प्रियव्रत पाराशर ने सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड परीक्षा 2024 पास की। इस उपलब्धि के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने इस उपलब्धि के लिए सभी पूर्व विद्यार्थियों को बधाई दी।
भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश द्वारा सभी एडवोकेट्स को सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड द्वारा नामित किया गया। इस अवसर पर विधि संस्थान की निदेशिका प्रोफेसर सुशीला चौहान एवं उपनिदेशक डॉ. रमेश सिरोही ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि विधि संस्थान के लिए बड़ा गर्व का विषय है। संस्थान की निदेशिका प्रो. सुशीला चौहान ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा के नेतृत्व में विद्यार्थियो का सर्वांगीण विकास हो रहा है। संस्थान के शिक्षकों और स्टाफ ने भी विद्यार्थियों को बधाई दी।
कुरुक्षेत्र, 25 फरवरी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पंचवर्षीय विधि संस्थान के पूर्व छात्र ध्रुव द्विवेदी, विदुषी शर्मा एवं प्रियव्रत पाराशर ने सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड परीक्षा 2024 पास की। इस उपलब्धि के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने इस उपलब्धि के लिए सभी पूर्व विद्यार्थियों को बधाई दी।
भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश द्वारा सभी एडवोकेट्स को सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड द्वारा नामित किया गया। इस अवसर पर विधि संस्थान की निदेशिका प्रोफेसर सुशीला चौहान एवं उपनिदेशक डॉ. रमेश सिरोही ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि विधि संस्थान के लिए बड़ा गर्व का विषय है। संस्थान की निदेशिका प्रो. सुशीला चौहान ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा के नेतृत्व में विद्यार्थियो का सर्वांगीण विकास हो रहा है। संस्थान के शिक्षकों और स्टाफ ने भी विद्यार्थियों को बधाई दी।
केयू आईएमएस में बिजनेस रिसर्च मॉडल्स और स्केलिंग पर दी अहम जानकारी
कुरुक्षेत्र, 25 फरवरी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज द्वारा मंगलवार को संस्थान के सेमिनार हॉल में ‘बिज़नेस रिसर्च मॉडल्स एवं स्केलिंग’ पर विस्तार व्याख्यान में बतौर मुख्य वक्ता गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर के प्रोफेसर डॉ. ऋषि राज शर्मा ने विभिन्न व्यवसाय अनुसंधान मॉडलों और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर गहन अंतर्दृष्टि प्रदान की। उन्होंने बिज़नेस रिसर्च मॉडल्स के विकास पर चर्चा की, डेटा-आधारित निर्णय लेने में गुणात्मक और संख्यात्मक दृष्टिकोणों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने हाइपोथिसिस फार्मूलेशन, रिसर्च डिजाइन, और बिज़नेस रिसर्च में नैतिक विचारों के महत्व को रेखांकित किया गया। डॉ. शर्मा ने मार्किट ट्रेंड्स, ग्राहक व्यवहारों, और प्रतिस्पर्धी परिदृश्य का आकलन करने के लिए रूपरेखाएँ प्रदान की।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. अनिल मित्तल ने सभी का स्वागत करते हुए बिजनेस रिसर्च के महत्व और इसके शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास में भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्केलेबल अनुसंधान मॉडलों की आवश्यकता और थ्योरेटिकल नॉलेज तथा प्रैक्टिकल एप्लीकेशन के बीच की कमी को पूरा करने में कार्यशालाओं की भूमिका पर जोर दिया।
कार्यक्रम का समापन पर डॉ. राजन शर्मा, उपनिदेशक, आईएमएस ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. जय किशन चंदेल, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. ममता भरद्वाज, डॉ. मीनाक्षी गोदारा, डॉ. पलक बजाज, दिशा कक्कङ, लीज़ा, रश्मि कंसल, जयंत दलाल, विक्रम व अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
कुरुक्षेत्र, 25 फरवरी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज द्वारा मंगलवार को संस्थान के सेमिनार हॉल में ‘बिज़नेस रिसर्च मॉडल्स एवं स्केलिंग’ पर विस्तार व्याख्यान में बतौर मुख्य वक्ता गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर के प्रोफेसर डॉ. ऋषि राज शर्मा ने विभिन्न व्यवसाय अनुसंधान मॉडलों और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर गहन अंतर्दृष्टि प्रदान की। उन्होंने बिज़नेस रिसर्च मॉडल्स के विकास पर चर्चा की, डेटा-आधारित निर्णय लेने में गुणात्मक और संख्यात्मक दृष्टिकोणों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने हाइपोथिसिस फार्मूलेशन, रिसर्च डिजाइन, और बिज़नेस रिसर्च में नैतिक विचारों के महत्व को रेखांकित किया गया। डॉ. शर्मा ने मार्किट ट्रेंड्स, ग्राहक व्यवहारों, और प्रतिस्पर्धी परिदृश्य का आकलन करने के लिए रूपरेखाएँ प्रदान की।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. अनिल मित्तल ने सभी का स्वागत करते हुए बिजनेस रिसर्च के महत्व और इसके शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास में भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्केलेबल अनुसंधान मॉडलों की आवश्यकता और थ्योरेटिकल नॉलेज तथा प्रैक्टिकल एप्लीकेशन के बीच की कमी को पूरा करने में कार्यशालाओं की भूमिका पर जोर दिया।
कार्यक्रम का समापन पर डॉ. राजन शर्मा, उपनिदेशक, आईएमएस ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. जय किशन चंदेल, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. ममता भरद्वाज, डॉ. मीनाक्षी गोदारा, डॉ. पलक बजाज, दिशा कक्कङ, लीज़ा, रश्मि कंसल, जयंत दलाल, विक्रम व अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
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